नयी दिल्ली। अकसर टैक्स देने वालों को यह हिसाब लगाने में दिक्कत होती है उनके कितना टैक्स भरना है। हाल ही में पेश किये गये बजट में नया टैक्स सिस्टम पेश किया है। इससे करदाताओं की उलझन और बढ़ सकती है। क्योंकि उन्हें अब नये और पुराने दोनों में से कोई सिस्टम चुनना है। यदि आप टैक्सपेयर हैं तो आपके सामने भी समस्या होगी ये चुनने की कि कौन से सिस्टम से टैक्स भरा जाये। कहां आपको ज्यादा टैक्स की बचत होगी। इसी चीज को ध्यान में रखते हुए आयकर विभाग ने एक ई-कैलकुलेटर लॉन्च किया है, जिससे नए टैक्स स्लैब का चयन करने पर आप कटौती और छूट का दावा किए बिना अपनी टैक्स लायबिलिटी का अनुमान लगा सकेंगे। यह देश भर के करदाताओं के लिए एक शानदार पहल है। इससे आईटीआर भरने वालों को कई तरह का बेनेफिट और जानकारी मिल सकेगी।

कैसा है कैल्कुलेटर
आयकर विभाग ने अपनी ई-फिलिंग वेबसाइट https://www.incometaxindiaefiling.gov.in पर पेश किया है। इसमें निवासी व्यक्तियों के लिए पुराने और नए टैक्स सिस्टम में टैक्सरेट की तुलना करने के लिए तुलनात्मक टेबल दी गयी है। इस वेब पोर्टल का उपयोग व्यक्तियों और अन्य विभिन्न श्रेणियों के करदाताओं द्वारा इलेक्ट्रॉनिक आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने के लिए किया जाता है। सामान्य नागरिक (60 वर्ष से कम), वरिष्ठ नागरिक (60-79 वर्ष) और सुपर वरिष्ठ नागरिक (79 वर्ष से अधिक) की तीन आयु श्रेणियों के करदाता सभी स्रोतों से प्राप्त अपनी अनुमानित वार्षिक आय दर्ज कर सकते हैं। यहां से आप कटौती और छूट के साथ नये और पुराने टैक्स सिस्टम दोनों में कितना टैक्स देना है इसकी तुलना कर सकेंगे।
क्या है नया टैक्स सिस्टम
1 फरवरी को बजट भाषण में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तावित नये व्यक्तिगत टैक्स सिस्टम में, 2.5 लाख से 5 लाख रुपये के बीच वार्षिक आय पर 5 प्रतिशत कर का प्रस्ताव है। इसके बाद हर 2.5 लाख रुपये की अतिरिक्त आय पर बढ़ कर 10 प्रतिशत, 15 प्रतिशत, 20 प्रतिशत और 25 प्रतिशत हो जायेगी। साथ ही 15 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत टैक्स लगेगा।
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