नयी दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान इनकम टैक्स की दरों में कटौती और टैक्स स्लैब में संशोधन करके सैलेरी वर्ग के लिए एक नये टैक्स सिस्टम का प्रस्ताव रखा है। हालांकि नया टैक्स सिस्टम वैकल्पिक है और मगर कर भुगतान करने वालों को इसका फायदा उठाने के लिए कर छूटों को छोड़ना होगा। नये टैक्स सिस्टम में 5 लाख और 15 लाख रुपये के बीच की आय के लिए चार नए कर स्लैब पेश किए हैं, जिन पर 5 से 25 फीसदी की दर से टैक्स लगेगा। अब ये करदाताओं को देखना है कि वे किस तरह से टैक्स छूट ले सकते हैं। नये सिस्टम के तहत आपको जिन छूटों को छोड़ना पड़ेगा हम आपको उनके बारे में बता रहे हैं।

ये उन प्रमुख छूटों की लिस्ट है, जो करदाताओं को नए टैक्स सिस्टम के लिए चुनने पर छोड़ना होंगी :
- लीव ट्रेवल अलाउंस, जो सैलेरी वाले कर्मचारियों को चार साल के ब्लॉक में दो बार मिलता है।
- मकान का किराया भत्ता, जो आपके वेतन में शामिल होता है।
- वेतनभोगी करदाताओं के लिए वर्तमान में 50,000 रुपये की मानक कटौती उपलब्ध है।
- वेतनभोगी करदाताओं को मिलने वाला 50,000 रुपये तक का स्टैंडर्ड डिडक्शन।
- आयकर कानून के सेक्शन 16 में मनोरंजन भत्ता और एम्प्लॉयमेंट/प्रोफेशनल टैक्स के लिए छूट।
- होम लोन चुकाने पर मिलने वाला टैक्स बेनेफिट।
- आयकर कानून के सेक्शन 57 के क्लॉज (iia) के तहत फैमिली पेंशन पर मिलने वाली 15,000 रुपये की छूट।
- सेक्शन 80सी के तहत मिलने वाले क्लेम खत्म हो जायेंगे, जिसमें ईएलएसएस, एनपीएस, पीपीएफ आदि में निवेश करना शामिल है।
- सेक्शन 80डी के अंतर्गत स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम पर क्लेम करके मिलने वाली छूट।
- सेक्शन 80डीडी और 80डीडीबी के तहत विक्लांगता पर टैक्स छूट।
- एजुकेशन लोन पर ब्याज भुगतान पर टैक्स छूट।
- सेक्शन 80जी के अंतर्गत चैरिटेबल इंस्टीट्यूशन को दान पर टैक्स छूट।
यह भी पढ़ें - इनकम टैक्स : फटाफट जमा करें ये डॉक्यूमेंट्स, कम पड़ेगा टैक्स का बोझ


Click it and Unblock the Notifications