Tata Tech के इनीशियल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) की तारीख आ गई है। टाटा समूह की यह कंपनी टाटा टेक्नोलॉजी का आईपीओ 22 नवंबर को खुलेगा और यह आईपीओ 24 नवंबर को बंद हो जायेगा।
लगभग 20 साल के बाद यह पहला मौका है। जब टाटा समूह अपनी कोई कंपनी का आईपीओ लेकर आ रही है। वर्ष 2004 में टाटा ग्रुप का आखिरी आईपीओ टीसीएस का था। ऐसे में निवेशक इस आईपीओ का काफी बेसब्री से इंतजार कर रहे है।

अभी तक टाटा टेक्नोलॉजीज, टाटा मोटर्स की सब्सिडियरी कंपनी के रूप में कारोबार करती थी। हालांकि, समूह ने अब इसको अलग कंपनी के रूप में लिस्ट करने का निर्णय किया है।
यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा। इस आईपीओ के तहत 9 करोड़ 57 लाख इक्विटी शेयरों की बिक्री होगी। यह कंपनी के कुल पेड-अप शेयर कैपिटल का 23.6 फीसदी है। ये शेयर टाटा मोटर्स, अल्फा टीसी होल्डिंग्स और टाटा कैपिटल ग्रोथ फंज 1 है।
कंपनी में अभी प्रमोटर और प्रमोटर समूह की हिस्सेदारी 76.7 फीसदी है। वहीं नॉन-प्रमोटर समूह हिस्सेदारी 23.3 फीसदी है। इस आईपीओ के बाद कंपनी में प्रमोटर और प्रमोटर समूह की हिस्सेदारी 56.7 फीसदी रह जाएगी।
वही, नॉन-प्रमोटर ग्रुप हिस्सेदारी बढ़ कर 43.3 हो जाएगी। आईपीओ के लिए कंपनी ने ड्राफ्ट पेपर्स मार्च 2023 में सबमिट किए थे और सेबी की 27 जून को मंजूरी मिली थी।
कंपनी के बारे में
टाटा टेक, टाटा मोटर्स की सब्सिडियरी है। यह एक ग्लोबल इंजीनियरिंग सर्विसेज कंपनी है। यह ग्लोबल ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स को टर्नकी सॉल्युशंस समेत प्रोडक्ट डेवलपमेंट और डिजिटल सॉल्युशंस की पेशकश करती है।
कंपनी ट्रांसपोर्टेशन, एयरोस्पेस और हैवी मशीनरी जैसे उद्योगों में क्लाइंट्स को सर्विस देती है।
कंपनी की वित्तीय सेहत
अगर हम कंपनी की वित्तीय सेहत की बात करें तो फिर कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ एफवाई22 की तुलना में एफवाई23 में धीमी रही। इसके साथ ही कंपनी की प्रॉफिट ग्रोथ भी एफवाई22 की तुलना में एफवाई23 में धीमी रही।
एक अच्छी बात ये है कि कंपनी पर कोई कर्ज नहीं है। एफवाई24 में रेवेन्यू 25 फीसदी बढ़कर 4 हजार 418 करोड़ रु रहा, जबकि प्रॉफिट 63 फीसदी बढ़ कर 708 करोड़ रु था।
एफवाई21-23 के दौरान कंपनी के रेवेन्यू की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (सीएजीआर) 30 फीसदी, एबिटडा सीएजीआर 46 फीसदी और पीएटी सीएजीआर 61.5 फीसदी रही।
अक्टूबर में 9.9 फीसदी हिस्सा बिक्री
इसी वर्ष 9 मार्च को टाटा टेक ने सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर फाइल कर आईपीओ लाने की अनुमति मांगी थी। अक्टूबर में टाटा मोटर्स ने नए निवेशकों को इस कंपनी में 9.9 फीसदी हिस्सेदारी 16 हजार 300 करोड़ रु के वैल्युएशन पर बेची थी।
जिसके बाद इश्यू को और भी छोटा कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसमें से 9 फीसदी हिस्सा टीपीजी राइस क्लाइमेट एसएफ पीटीई ने खरीदा है, जिसने पहले भी टाटा मोटर की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी यूनिट में 1 अरब डॉलर का निवेश किया है।
इसके अलावा रतन टाटा एंडोमेंट ने बाकी हिस्सा खरीदा है। इस हिस्सा बिक्री से पहले टाटा मोटर्स के पास टाटा टेक्नोलॉजीज में 74.69 फीसदी हिस्सा था।
टाटा मोटर्स की ओर से ये हिस्सा बिक्री अपने कर्ज को घटाने के लिए किया गया था। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में 13 अक्टूबर को इसकी जानकारी दी थी।
टाटा मोटर्स पर सितंबर तिमाही में कुल ऑटोमोटिव कर्ज 38 हजार 700 करोड़ रु था। पिछले वर्ष की समान तिमाही के दौरान कंपनी पर 41 हजार 700 करोड़ रु का कर्ज था। अपने घरेलू बिजनेस को ये कंपनी कारोबारी वर्ष 2024 में पूरी तरह से कर्ज-मुक्त करना चाहती है।
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