Swiggy 33 crore Fraud: स्विगी में एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें एक जूनियर एंप्लॉयपर पर 33 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप है। यह खुलासा बेंगलुरु स्थित फूड डिलीवरी कंपनी की 2023-24 की वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट में हुआ है। आइए इसके बारे में आपको पूरी जानकारी देते हैं।

स्विगी के पूर्व जूनियर एंप्लॉयपर के खिलाफ कार्यवाही
स्विगी ने मामले की गहन जांच के लिए एक बाहरी टीम गठित की थी। इसमें शामिल जूनियर एंप्लॉयपर के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की गई है।
अप्रैल में स्विगी ने गोपनीय तरीके से अपने आईपीओ के ड्राफ्ट डॉक्यूमेंट दाखिल किए थे। कंपनी का लक्ष्य नए इश्यू के माध्यम से 3,750 करोड़ रुपये और ऑफर-फॉर-सेल (ओएफएस) के माध्यम से 6,664 करोड़ रुपये तक जुटाना है, जो कुल मिलाकर लगभग 1.25 बिलियन डॉलर है।
कंपनी का ग्रॉस ऑऱ्र वैल्यू (GOV) $4.2 बिलियन रहा, जो साल-दर-साल 26% की बढ़त दिखाता है। इस अवधि के दौरान मासिक लेन-देन करने वाले उपयोगकर्ता लगभग 14.3 मिलियन थे। वित्तीय रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि प्रॉफिटेबिलिटी में काफी सुधार हुआ है क्योंकि इंस्टामार्ट में निवेश अधिक पर है और बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है।
आईपीओ की तैयारी के बीच स्विगी ने खुलासा किया है कि उसके एक पूर्व जूनियर एंप्लायर ने उनकी एक सहायक कंपनी से 33 करोड़ से अधिक की रकम का घोटाला किया है। यह जानकारी स्विगी की वित्तीय वर्ष 2023-24 की वार्षिक रिपोर्ट में दी गई है।
टीम ने की इस घोटाले की जांच
कंपनी ने एक बाहरी टीम के साथ जांच शुरू की और उस व्यक्ति के खिलाफ कानूनी शिकायत दर्ज की। रिपोर्ट में नाम नहीं बताया गया था। वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है, "चालू वर्ष के दौरान समूह ने एक पूर्व जूनियर कर्मचारी द्वारा पिछले समय में 326.76 मिलियन रुपये की राशि की एक सहायक कंपनी में धन के गबन की पहचान की।"
इस झटके के बावजूद स्विगी के वित्तीय प्रदर्शन में बेहतर सुधार हुआ। कंपनी ने वित्त वर्ष 24 में 2,350 करोड़ रुपये का नेट लॉस दर्ज किया, जो वित्त वर्ष 23 में 4,179 करोड़ रुपये से 44% कम है। राजस्व में 36% की वृद्धि हुई, जो पिछले वर्ष के 8,265 करोड़ रुपये की तुलना में 11,247 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। स्विगी ने इसके अलावा कथित गबन से संबंधित किसी अन्य विवरण का उल्लेख नहीं किया है।
स्विगी की आईपीओ प्लानिंग
फिलहाल, स्विगी अपने आईपीओ के लिए कमर कस रही है, जिसका लक्ष्य पर्याप्त धन जुटाना है। कंपनी की योजना से 3,750 करोड़ रुपये और बिक्री के लिए प्रपोजल के माध्यम से 6,664 करोड़ रुपये जुटाने की है।
यह धोखाधड़ी का मामला स्विगी के आईपीओ लॉन्च से ठीक पहले उसके लिए एक बड़ा झटका है। कंपनी इस मुद्दे को तुरंत हल करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं हैं।
इन चुनौतियों के बावजूद, स्विगी अपने विकास और आगामी आईपीओ योजनाओं पर केंद्रित है। कंपनी अपनी सार्वजनिक पेशकश के माध्यम से पर्याप्त धन जुटाने के लिए तैयार है, साथ ही अपनी मैर्केट प्रेसेंस को बढ़ाने और विस्तार करने की कोशिश कर रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा उनके बिजनेस का विस्तार हो।


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