SCO Summit 2025; PM Modi And Xi Jinping Meeting : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत और चीन समेत दुनिया के तमाम देशों पर लगाए टैरिफ के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रविवार (31 अगस्त) को तियानजीन (चीन) में मुलाकात की।

दोनों की यह मुलाकात चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के इतर हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी 2020 में गलवान में हुए भारत-चीन सैन्य संघर्ष के 7 साल बाद शनिवार (30 अगस्त) को चीन पहुंचे हैं।
रविवार को प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच हुई महामुलाकात में भारत और चीन के बीच रिश्तों को सुधारने के लिए अहम बैठक हुई। लगभग एक घंटे तक दोनें के बीच चली बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2.8 अरब लोगों का कल्याण भारत-चीन सहयोग से जुड़ा हुआ है। वहीं चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि ड्रैगन (चीन) और हाथी (भारत) को एक साथ आने की जरूरत है। यह मीटिंग ऐसे समय में हुई, जब दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ से झटका लगा है। ऐसे में दोनों देशों के बीच यह मुलाकात काफी अहम माना जा रहा है।
हाथी और ड्रैगन का साथ जरूरी : जिनपिंग
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी के बीच मीटिंग में शी जिनपिंग ने कहा, "दोस्त बनना, अच्छे पड़ोसी बनना और ड्रैगन (चीन) और हाथी (भारत) का एक साथ आना बहुत जरूरी है..."
बैठक में शी जिनपिंग ने एससीओ समिट में आने के लिए पीएम मोदी का आभार जताया और कहा, "भारत और चीन दो बड़ी संभ्यताएं हैं। ड्रैगन (चीन) और हाथी (भारत) का साथ जरूरी है। भारत और चीन की दोस्ती महत्वपूर्ण है। भारत और चीन का साथ आना जरूरी है। दोस्ती और अच्छा पड़ोसी होना अहम है।"
शी जिनपिंग ने इस मुलाकात को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि दुनिया इस समय बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है। चीन और भारत न सिर्फ दो सबसे प्राचीन सभ्यताएं हैं, बल्कि दुनिया के सबसे ज्यादा आबादी वाले देश भी हैं और ग्लोबल साउथ का हिस्सा हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान अपने प्रारंभिक भाषण में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा, "प्रधानमंत्री महोदय, आपसे फिर से मिलकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। मैं एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए चीन में आपका स्वागत करता हूं। पिछले वर्ष कजान में हमारी बैठक सफल रही थी। दुनिया एक बड़े परिवर्तन की ओर बढ़ रही है। हम दुनिया की दो सबसे अधिक जनसंख्या वाले देश हैं। ऐसे में एक अच्छे पड़ोसी बनना और ड्रैगन और हाथी का एक साथ आना काफी महत्वपूर्ण है।"
आपसी संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने ने मीटिंग के दौरान सीमा विवाद पर विशेष प्रतिनिधियों के बीच हुआ समझौता, कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली और दोनों देशों के बीच डायरेक्ट फ्लाइट्स शुरू होने का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा, "दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों के हित हमारे सहयोग से जुड़े हैं। यह पूरी मानवता के कल्याण का भी मार्ग प्रशस्त करेगा।" उन्होंने कहा, "हम आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
ट्रम्प का टैरिफ अटैक
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत पर 50 फीसदी का टैरिफ लगाया है जबकि चीन पर 30 फीसदी टैरिफ लगाया है। टैरिफ को लेकर पूरी दुनिया में ट्रम्प के खिला माहौल बन रहा है और भारत समेत अन्य देश अमेरिका के बाहर अपने नए मार्केट की तलाश कर रहे हैं। ऐसे में आपसी मतभेदों को भुलकर भारत-चीन का साथ आना एक महत्वपूर्ण कदम है और अमेरिका समेत पूरी दुनिया की इसपर नज़र है।


Click it and Unblock the Notifications