नयी दिल्ली। बैंक ग्राहकों के लिए एक खुशखबरी है। दरअसल जल्द ही आपको पैसे जमा करवाने के लिए बैंक ब्रांच जाने से मुक्ति मिलने वाली है। पैसे जमा करवाने के लिए आपको बैंक की लंबी लाइन से निजात मिलेगी और साथ ही आने-जाने का समय भी बचेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि आपको अपने नजदीकी एटीएम से अपने खाते में पैसे जम करवाने की सुविधा मिलेगी। आप किसी भी नजदीकी एटीएम जाकर उसी से अपने खाते में पैसे जमा करवा सकेंगे। अभी तक एटीएम से पैसे निकलते हैं, मगर बहुत जल्द इसके जरिये पैसे डिपॉजिट करने की सर्विस शुरू होने वाली है। बता दें कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई के साथ बैंकों के बीच भुगतान करने की शुरुआत के बाद नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया या एनपीसीआई प्रमुख बैंकों को अपने एटीएम और शाखाओं में कैश डिपॉजिट करने की सुविधा देने पर जोर दे रहा है।
बैंकों की लागत होगी कम
इस नयी सर्विस से बैंकों की लागत घटेगी क्योंकि एटीएम में डिपॉजिट किया जाने वाला पैसा दूसरे ग्राहक निकाल सकेंगे। ये एक तरह पैसों रिसाइकिल होगा, जो एक ग्राहक के जमा करने पर दूसरा निकाल सकता है। इससे बैंक को एटीएम में कम पैसे डालने होंगे। एनपीसीआई का मानना है कि नेशनल फाइनेंस स्विच द्वारा शुरू किये गये इंटरऑपरेबल कैश-डिपॉजिट सिस्टम से पूरे बैंकिंग सिस्टम को मुद्रा हैंडलिंग लागत कम करने में मदद मिलेगी। यानी एक ऐसा सिस्टम होगा, जिससे बैंकों और उनके ग्राहकों दोनों को लाभ मिलेगा।
14 बैंक पहले से दे रहे ये सुविधा
ये सिस्टम शुरू करने के लिए सभी प्राइवेट और सरकारी बैंकों से पूछा गया है। 14 बैंक पहले से ही इंटरऑपरेबल कैश डिपॉजिट की सुविधा दे रहे हैं। एनपीसीआई का अनुमान है कि शीर्ष बैंकों के लगभग 30,000 एटीएम को तुरंत इंटरऑपरेबल डिपॉजिट मशीनों में अपग्रेड किया जा सकता है। यूनियन बैंक, केनरा बैंक, आंध्रा बैंक और साउथ इंडियन बैंक वर्तमान में ये सर्विस दे रहे हैं। नये सिस्टम के तहत आप किसी दूसरे बैंक के एटीएम में भी पैसे जमा कर सकेंगे। हालांकि जानकार ये भी कहते हैं कि बैंकों को कुछ बातों का ध्यान रखना होगा, जिनमें नकली मुद्रा जमा करना शामिल है।
लगता है चार्ज
इंटरचेंज या जमा को प्रोसेसिंग करने के लिए 10000 रुपये से कम की जमा पर आपको 25 रुपये और इससे ज्यादा डिपॉजिट करने पर 50 रुपये का चार्ज देना होता है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस सर्विस का सबसे अधिक फायदा ई-कॉमर्स कंपनियों और फूड एग्रीगेटर्स को मिलेगा। क्योंकि डिलिवरी एजेंट्स को डिपॉजिट एटीएम पर इंस्टेंट क्रेडिट करने से कैश संभालने की लागत घटाने में मदद मिलेगी।
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