Paymart Virtual ATM Startup: आज के समय में टेक्नोलॉजी काफी ज्यादा एडवांस होती जा रही है और ऐसे में हमारे सामने नए-नए कांसेप्ट भी आते जा रहे हैं। कल यानी शुक्रवार को फिन टेक स्टार्टअप पेमार्ट ने की है कि वह इन्नोवेटिव वर्चुअल एटीएम निकालने जा रहा है। इसके तहत इस स्टार्टअप ने कई बैंकों से पार्टनरशिप भी कर ली है। इस तरीके के जरिए आप बिना कार्ड के और बिना हार्डवेयर के कैश निकाल सकते हैं।
गौरतलब है कि इस स्टार्टअप के साथ पांच बैंकों ने साझेदारी की है। पेमार्ट के द्वारा वर्चुअल एटीएम की सुविधा को पूरे देश में फैलने का काम इन्हीं पांच बैंकों के द्वारा किया जाएगा।

वहीं इस स्टार्टअप कंपनी के सीईओ ने कहा है कि आगे आने वाले समय यानी भविष्य के लिए नई टेक्नोलॉजी तैयार कर रहे हैं, जिसमें बैंक के कोर बैंकिंग सिस्टम से सीधे कनेक्टिविटी के साथ मिलकर हम एक कार्डलेस स्विच स्थापित कर रहे हैं।
इसके जरिए आपके आने वाले समय में पैसे निकालने के लिए कार्ड की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। साथ ही इससे बैंकिंग काफी ज्यादा आसान हो जाएगी और उसका इकोसिस्टम भी बेहतर हो जाएगा।
इस स्टार्टअप के द्वारा सुझाई गई योजना को पहले पायलट मोड में चला कर चेक किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को फरवरी से मार्च के महीने तक पायलट मोड पर ऑपरेट किया जाएगा और अगर सब कुछ सही रहा तो अप्रैल या मई 2024 तक इसे पूरे देश में लॉन्च कर दिया जाएगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस कंपनी के द्वारा पहले ही 6 महीने तक आईडीबीआई बैंक के द्वारा वर्चुअल एटीएम सर्विस चलाई गई है और वह काफी सफल भी रही है।
कंपनी की मानें तो वर्चुअल एटीएम के कई सारे फायदे हैं और सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह सर्विस स्थानीय दुकानदारों को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाने वाली है।
ऐसा इस लिए भी है क्योंकि इस सर्विसेज स्थानीय दुकानदार काफी ज्यादा सशक्त हो जाएंगे क्योंकि एटीएम मशीन का इस्तेमाल कार्ड लिस्ट ट्रांजैक्शन के लिए नहीं किया जाएगा, इसलिए लोगों को पैसे निकालने के लिए दुकानदारों की जरूरत पड़ेगी।
कंपनी द्वारा बताया गया है कि उन्होंने इस वर्चुअल एटीएम की सर्विस को और व्यापक स्तर पर देश में फैलने के लिए सीएससी ई गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के साथ भी पार्टनरशिप की है।
अगर कार्डलेस एटीएम सर्विस की शुरुआत होती है तो इससे एटीएम मशीन लगाने का पैसा भी काफी हद तक बचेगा। इसके अलावा उन सभी इलाकों में कैश विड्रॉल की सुविधा पहुंचेगी जहां पर अभी भी एटीएम मशीन मौजूद नहीं है।
इससे बैंकिंग सिस्टम में भी काफी ज्यादा सुधार होगा। पैसा निकालने के लिए यह कार्डलेस तकनीक भारत के बैंकों को भी समझ में आ रही है। यही कारण है कि आईडीबीआई बैंक, इंडियन बैंक, जम्मू और कश्मीर बैंक और करूर व्यास बैंक अब इस स्टार्टअप की आईडिया के साथ साझेदारी करने का फैसला बनाया है।
अगर यह कार्डलेस एटीएम सर्विस अपने पायलट पीरियड के दौरान बेहतर परफॉर्म करती है तो इसे जल्द ही पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा और लोग भी इसका पूरा फायदा उठा सकेंगे।


Click it and Unblock the Notifications