नयी दिल्ली। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने अपने ग्राहकों को एक बड़ा झटका दे दिया है। बैंक ने अपनी एक सर्विस के लिए लगने वाला चार्ज बढ़ा दिया है। बैंक ने अपने लॉकर चार्ज बढ़ा दिये हैं, जो 31 मार्च से लागू होंगे। एसबीआई की वेबसाइट के अनुसार बैंक ने अपने लॉकर चार्जेस में 500 से 3000 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। ये शुल्क दो चीजों पर निर्भर करेंगे, जिनमें लॉकर का आकार और आपका लॉकर किस शहर में है ये देखा जायेगा। यानी अलग-अलग आकार के अलावा विभिन्न शहरों में अलग-अलग हिसाब से लॉकर के चार्ज बढ़ाये जायेंगे। हालांकि एसबीआई के नये लॉकर चार्ज में जीएसटी शामिल नहीं होगा। सेफ डिपॉजिट लॉकर बैंक द्वारा दी जाने वाली सबसे महत्वपूर्ण सुविधाओं में से एक हैं। लॉकर विभिन्न आकारों के होते हैं और कीमती सामानों को सुरक्षित रखने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
कितना लगेगा अधिक चार्ज
एसबीआई 4 प्रकार के लॉकर ऑफर करता है। इनमें स्मॉल, मीडियम, लार्ज और एक्स्ट्रा लार्ज शामिल है। मेट्रो और शहरी इलाकों में स्मॉल लॉकर का किराया 1500 रुपये है, जिसे बढ़ा कर 2000 रुपये किया जायेगा। वहीं मीडियम लॉकर का चार्ज 3000 रुपये से बढ़ा कर 4000 रुपये, लार्ज लॉकर का चार्ज 6000 रुपये से बढ़ा कर 8000 रुपये और एक्स्ट्रा लार्ज लॉकर का किराया 7000 रुपये से बढ़ा कर 9000 रुपये किया जायेगा। वहीं अर्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों में स्मॉल लॉकर का चार्ज 1000 रुपये से बढ़ा कर 1500 रुपये, मीडियम लॉकर का चार्ज 2000 रुपये से 3000 रुपये, लार्ज लॉकर का चार्ज 5000 रुपये से बढ़ा कर 6000 रुपये और एक्स्ट्रा लार्ज लॉकर का चार्ज 7000 रुपये से बढ़ा कर 9000 रुपये होगा।
जॉइंट लॉकर की भी है सुविधा
एक लॉकर का संचालन अकेले, किसी के साथ संयुक्त, हिंदू यूनाइटेड फैमिली, फर्म और ट्रस्ट द्वारा किया जा सकता है। एक लॉकर खोलने के लिए आपको तस्वीरों के साथ केवाईसी दस्तावेज देने होंगे। एक बैंक शुरू में ही आवेदकों को तीन साल के लॉकर किराए को कवर करने के लिए एक निश्चित राशि जमा करने के लिए कह सकता है। इसके अलावा किसी घटना के मामले में लॉकर को तोड़ कर खोलने के लिए शुल्क भी ले सकता है। आम तौर पर लॉकर होल्डर के बैंक खाते में से ही लॉकर का वार्षिक चार्ज काट लिया जाता है।
लॉकर इस्तेमाल न करने पर क्या होता है
यदि एक वर्ष (अधिक जोखिम के चलते) या तीन साल (मध्यम जोखिम के मामले में) के लिए लॉकर होल्डर लॉकर का संचालन न करे और भले ही वह किराए का भुगतान करता हो तो बैंक उससे तुरंत उसका संचालन शुरू करने या इसका आत्मसमर्पण करने के लिए कह सकता है।
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