अगर आप बैंकिंग सेवा का इस्तेमाल करते है तो आपके लिए बड़ी खबर है। अगले कुछ दिनों में अब 24 घंटे आरटीजीएस ट्रांजेक्शन कर पाएंगे।
नई दिल्ली: अगर आप बैंकिंग सेवा का इस्तेमाल करते है तो आपके लिए बड़ी खबर है। अगले कुछ दिनों में अब 24 घंटे आरटीजीएस ट्रांजेक्शन कर पाएंगे। दरअसल भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को कहा कि रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) सिस्टम को अगले कुछ दिनों में 24 घंटों के लिए उपलब्ध किया जाएगा। रियल टाइम ग्रॉस सेटेलमेंट (आरटीजीएस) सिस्टम का इस्तेमाल बड़ी राशि के ट्रांजैक्शन के लिए होता है। इससे बैंक ग्राहकों को फंड ट्रांसफर करने में आसानी होगी। ट्रांजेक्शन फेल होने पर घबराएं नहीं, बैंक देगा 100 रुपये रोजाना ये भी पढ़ें

जल्द आरटीजीएस 24 घंटे होगी उपलब्ध
बता दें कि इससे कारोबारियों को राहत मिलेगी। जानकारी दें लिए बता दें कि फिलहाल आरटीजीएस हफ्ते के सभी कामकाजी दिनों में सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक उपलब्ध किया गया है। यह हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छोड़कर है। आरबीआई गर्वनर शक्तिकांत दास ने कहा कि ग्राहकों के लिए अगले कुछ दिनों में आरटीजीएस सिस्टम को 24×7 उपलब्ध किया जाएगा। इसके लागू होने के साथ सिस्टम में सेटलमेंट और डिफॉल्ट का जोखिम होने की उम्मीद है। इससे AePS, आईएमपीएस, एनईटीसी, एनएफसी, रूपे, यूपीआई ट्रांजैक्शन के सेटलमेंट की सुविधा हफ्ते के पांच दिनों के बजाय सभी दिन मिलेगी। दास ने कहा कि यह भुगतान की व्यवस्था को ज्यादा प्रभावी बनाएगा।
कॉन्टैक्टलेस कार्ड पेमेंट से कर सकेंगे 5000 रु तक का ट्रांजेक्शन
आरटीजीएस यानी रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट के जरिए तुरंत फंड ट्रांसफर किया जा सकता है। यह बड़े ट्रांजेक्शंस में काम आता है। मालूम होगा कि आरटीजीएस के जरिए 2 लाख रुपये से कम अमाउंट ट्रांसफर नहीं हो सकता है। इसे ऑनलाइन और बैंक ब्रांच दोनों माध्यमों से इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा लोग कॉन्टैक्टलेस कार्ड पेमेंट की मदद से ज्यादा अमाउंट में और आसानी से ट्रांजेक्शन कर सकें, इसके लिए एमपीसी की बैठक में कॉन्टैक्टलेस कार्ड ट्रांजेक्शन की लिमिट को बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन करने का फैसला किया गया है। अभी यह लिमिट 2000 रुपये है।
पिछले साल एनईएफटी में हुआ था बदलाव
याद दिला दें कि इससे पहले पिछले साल दिसंबर में नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) सिस्टम को 24x7x365 उपलब्ध कराया गया था। आरबीआई ने अपनी पॉलिसी में कहा कि उस समय से सिस्टम सुचारू रूप से काम कर रहा है।


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