नयी दिल्ली। दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही रिलायंस कम्युनिकेशंस ने कहा है कि कंपनी के कर्जदाताओं ने इसके चेयरमैन अनिल अंबानी और 4 अन्य डायरेक्टरों का इस्तीफा नामंजूर कर दिया है। साथ ही कर्जदाताओं ने अनिल अंबानी और बाकी निदेशकों से चल रही कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए कहा है। अनिल अंबानी के अलावा चार अन्य निदेशकों, जिनमें रायना करानी, छाया विरानी, मंजरी काकेर तथा सुरेश रंगाचार शामिल हैं, ने इस महीने की शुरुआत में रिलायंस कम्युनिकेशंस से इस्तीफा दे दिया था। रिलायंस कम्युनिकेशंस ने स्टॉक एक्सचेंज बीएसई को दी गयी जानकारी में बताया है कि कंपनी के लेनदारों की कमेटी ने 20 नवंबर को बैठक की थी, जिसमें समिति के सभी सदस्यों ने एकमत से विचार करके कहा था कि ये मंजूर स्वीकार नहीं किए जा सकते। समिति ने इन निदेशकों को अपनी जिम्मेदारियों का पालन करने और कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रक्रिया में रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल को सहयोग प्रदान करने की सलाह दी थी।

जुलाई-सितंबर में हुआ भारी घाटा
गौरतलब है कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की ओर से आये एजीआर पर फैसले के बाद आरकॉम को चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में 30,142 करोड़ रुपए का जोरदार घाटा हुआ था। यह किसी भी भारतीय कंपनी को हुआ अभी तक का दूसरा सबसे बड़ा तिमाही घाटा है। इसी तिमाही सुप्रीम कोर्ट के आदेश से प्रभावित होकर वोडाफोन आइडिया ने 50,921 करोड़ रुपये के घाटे की जानकारी दी थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण रिलायंस कम्युनिकेशंस को वार्षिक समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) के लिए 28,314 करोड़ रुपये अलग रखने पड़े। आरकॉम की कुल लायबिलिटी में 23,327 करोड़ रुपये के लाइसेंस शुल्क के अलावा 4,987 करोड़ रुपये का स्पेक्ट्रम यूसेज चार्जेस शामिल हैं।
क्यों हो रही है रिलायंस कम्युनिकेशंस दिवालिया?
स्वीडिश टेलीकॉम गियर निर्माता एरिक्सन ने कंपनी के खिलाफ एक ऐप्लिकेशन दायर की थी, जिसके बाद इसकी दिवाला कार्यवाही शुरू हुई। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने कंपनी का नियंत्रण एक इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल को सौंप दिया है। एक अनुमान के मुताबिक आरकॉम ग्रुप पर कुल कर्ज लगभग 33,000 करोड़ रुपये का है, जबकि उधारदाताओं ने अगस्त में लगभग 49,000 करोड़ रुपये के दावे पेश किए थे। कभी दुनिया के 10 सबसे अधिक अमीर लोगों में शामिल रहे अनिल अंबानी को 2005 में उनके और उनके बड़े भाई मुकेश अंबानी के बीच संपत्ति विभाजन के बाद आरकॉम का प्रभार मिला था।
यह भी पढ़ें - दिल्ली की खान मार्केट बनी 20वीं सबसे महंगी रिटेल लोकेशन


Click it and Unblock the Notifications