नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आज शुक्रवार को रेपो रेट में 40 बेसिस प्वाइंट की कटौती का ऐलान किया। अभी रेपो रेट 4.4 फीसदी था, जो अब गिरकर 4 फीसदी पर आ गया है। वहीं रिवर्स रेपो रेट 3.5 फीसदी कर दिया है। इस बात की जानकारी आज आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने दी। इसी के साथ कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं हैं।

रेपो रेट घटने का मतलब
रेपो रेट घटने से बैंक की कॉस्ट ऑफ फंड कम हो जाती है। इससे वह कर्ज सस्ता कर सकते हैं। लेकिन पिछले दिनों ने रेपो रेट से जुड़े कर्जों का ऐलान किया था। ऐसे में यह कर्जे तुरंत प्रभाव से सस्ते जा जाएंगे। इनमें 0.40 फीसदी की कमी तुरंत आ जाएगी। इसका सीधा फायदा लोगों औरों कारोबारियों को मिलेगा।
मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक में हुआ फैसला
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने इस दौरान बताया कि वक्त से पहले मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक हुई है। यह बैठक पिछले तीन दिनों में हुई है। अपनी प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि हमें यह भरोसा रखना होगा कि भारत इस मुश्किल वक्त से उबर जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी सिर्फ खेती और उससे जुड़े सेक्टर से ही उम्मीद नजर आ रही है। इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सामान्य होने से उम्मीद की एक किरण नजर आ रही है।
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की डिमांड काफी गिरी
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, कोरोना संक्रमण की सबसे तगड़ी मार कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की डिमांड पर पड़ी है। मार्च 2020 से अब तक कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के प्रोडक्शन में 33 फीसदी की कमी आ चुकी है।
दुनिया का कारोबार भीा प्रभावित
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि इस साल वर्ल्ड ट्रेड में 13-32 फीसदी तक की गिरावट आ सकती है। उन्होंने कहा कि मार्च 2020 से शहरी और ग्रामीण, दोनों इलाकों में डिमांड कम हुई है जिसका असर सरकारी आमदनी पर भी पड़ा है।
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