भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की अहम बैठक कल से शुरू होने जा रही है। तीन दिनों तक चलने वाला यह इवेंट 5 जून को समाप्त होगा। आज 2 जून को ट्रेडर्स ब्याज दरों में होने वाले संभावित बदलावों को भांपते हुए अपनी पोजीशन बना रहे हैं। मार्केट में हाई लिक्विडिटी को देखते हुए आज ट्रेडिंग सेशन में काफी उतार-चढ़ाव रहने की उम्मीद है। ऐसे में निवेशकों को पूरे दिन बैंक निफ्टी (Bank Nifty) के स्तरों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें और मानसून के अपडेट इस समय भारतीय बाजार के सेंटिमेंट को प्रभावित कर रहे हैं। अगर मानसून कमजोर रहता है, तो खाद्य महंगाई लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती है। ऐसी स्थिति में केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर ही बरकरार रखने का फैसला ले सकता है। इसके अलावा, निवेशक मई महीने के ऑटो सेल्स डेटा का भी विश्लेषण कर रहे हैं। ये सभी फैक्टर्स आज रेट-सेंसिटिव शेयरों की दिशा तय करेंगे।

बैंकिंग और NBFC सेक्टर के टॉप रेट-सेंसिटिव स्टॉक्स
इंट्राडे मुनाफे के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और ICICI बैंक के शेयर काफी मजबूत दिख रहे हैं। वहीं नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) सेगमेंट में बजाज फाइनेंस और चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट पर नजर रखें। आज बैंक निफ्टी को 49,500 के स्तर पर कड़े रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है, जबकि प्राइवेट सेक्टर के बैंकों के लिए 48,800 पर मजबूत सपोर्ट बना हुआ है। किसी भी बड़े जोखिम से बचने के लिए सख्त स्टॉप लॉस (SL) जरूर लगाएं।
रियल्टी सेक्टर में तेजी और डिफेंसिव हेजिंग की सलाह
ब्याज दरों पर आने वाले फैसले से पहले रियल एस्टेट सेक्टर में काफी उत्साह देखा जा रहा है। इस समय DLF और गोदरेज प्रॉपर्टीज संस्थागत निवेशकों की टॉप पसंद बने हुए हैं। हालांकि, सुरक्षा के लिहाज से IT और फार्मा जैसे डिफेंसिव सेक्टर्स में हेजिंग करना फायदेमंद हो सकता है। अगर रेट-सेंसिटिव शेयरों में प्रॉफिट बुकिंग आती है, तो अक्सर ये सेक्टर्स अच्छा प्रदर्शन करते हैं। अपने रिस्क को मैनेज करने के लिए ऑप्शंस स्ट्रैटेजी का सहारा लें।
| शेयर का नाम | टारगेट प्राइस (TP) | स्टॉप लॉस (SL) |
|---|---|---|
| SBI | 845 | 815 |
| DLF | 830 | 795 |
| Bajaj Finance | 7200 | 6950 |
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशकों को सिर्फ रेट कट के फैसले पर ही नहीं, बल्कि RBI की कमेंट्री पर भी ध्यान देना चाहिए। भविष्य में ब्याज दरों में कटौती का कोई भी संकेत बाजार में बड़ी तेजी ला सकता है। 5 जून को होने वाले आधिकारिक ऐलान तक सतर्क रुख अपनाएं। अपनी पूंजी बचाने के लिए इंट्राडे प्लान का सख्ती से पालन करें और बाजार की हर हलचल को पकड़ने के लिए लाइव न्यूज से अपडेट रहें।


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