भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नए वित्त वर्ष 2022-23 की पहली बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। यानी अभी भी रेपो रेट 4 फीसदी ही रहेगा।
नई दिल्ली, अप्रैल 8। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नए वित्त वर्ष 2022-23 की पहली बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। यानी अभी भी रेपो रेट 4 फीसदी ही रहेगा। वहीं दूसरी ओर भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी मॉनिटरी पॉलिसी के ऐलान में वित्त वर्ष 2023 के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट के अनुमान को गिराया है।

जीडीपी का अनुमान घटाकर किया 7.2 फीसदी
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमसीपी) ने शुक्रवार को भारत के वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर को संशोधित कर 7.2 प्रतिशत कर दिया, जो फरवरी माह में वित्त वर्ष 23 के लिए 7.8 प्रतिशत थी। इसके साथ ही उन्होंने महंगाई दर के भी 5.7 फीसदी तक रहने का अनुमान लगाया है। E-Cycle Subsidy : साइकिल खरीदने पर मिलेगी 5500 रु की सब्सिडी, काफी बढ़िया मौका
महंगाई दर के अनुमान को 4.5 फीसदी से बढ़ाकर 5.7
इस मौके पर गर्वनर दास ने रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी की बैठक के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 7 फीसदी से घटाकर 6.2 फीसदी किया गया है। वित्त वर्ष 2023 की तीसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 4.3 फीसदी से घटाकर 4.1 फीसदी किया गया है और वित्त वर्ष 2023 की चौथी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 4.5 फीसदी से घटाकर 4 फीसदी किया गया है। आरबीआई गवर्नर ने महंगाई दर के अपने अनुमान को बढ़ाया है। उन्होंने FY23 में महंगाई दर के अनुमान को 4.5 फीसदी से बढ़ाकर 5.7 किया है।
नहीं हुआ ब्याज दर में कोई बदलाव
आरबीआई गवर्नर ने शुक्रवार को अपने पॉलिसी दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। रेपो रेट 4 फीसदी पर बरकरार है। ये लगातार 10वीं बार है जब केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे पहले, रिजर्व बैंक ने आखिरी बार 22 मई 2020 को रेपो रेट में बदलाव किया था।


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