पेटीएम पेमेंट बैंक पर बड़ा एक्शन हुआ है। आरबीआई ने 11 मार्च को पेटीएम पेमेंट्स बैंक को नए ग्राहकों को शामिल करने से रोकने का निर्देश दिया।
नई दिल्ली, मार्च 11। पेटीएम पेमेंट बैंक पर बड़ा एक्शन हुआ है। आरबीआई ने 11 मार्च को पेटीएम पेमेंट्स बैंक को नए ग्राहकों को शामिल करने से रोकने का निर्देश दिया। यह रोक तत्काल प्रभाव से लागू है। बैंक से यह भी कहा गया है कि उसके आईटी सिस्टम का व्यापक ऑडिट करने के लिए एक आईटी ऑडिट फर्म नियुक्त की जाए। आईटी ऑडिट के मायने हैं कि कंपनी का आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर यानी सॉफ्टवेयर कितने ग्राहकों का बोझ उठाने में सक्षम है, उसमें क्या गड़बड़ियां आ रही हैं और क्यों आ रही हैं, इन सबकी जांच होगी। आरबीआई ने कहा है, पेटीएम पेमेंट्स बैंक को नए कस्टमर्स जोड़ने के लिए आरबीआई की इजाजत लेनी होगी। और आरबीआई आईटी ऑडिट की रिपोर्ट्स की समीक्षा के बाद ही नए ग्राहकों को जोड़ने की अनुमति दी जाएगी।

23 मई 2017 को हुई पेमेंट्स बैंक की शुरुआत
पेटीएम पेमेंट्स बैंक के कामकाज की शुरुआत 23 मई 2017 को हुई थी। 9 मार्च को मनीकंट्रोल ने यह खबर दी थी कि विजय शेखर शर्मा की कंपनी पेटीएम पेमेंट्स बैंक स्मॉल फाइनेंस बैंक के लाइसेंस के लिए आरबीआई में आवेदन करने वाला है। इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्र ने बताया था कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक इस साल जून तक आवेदन जमा कर सकती है। हालांकि उससे पहले आरबीआई के इस फैसले से कंपनी को झटका लगा है।
जानिए क्या होता है आईटी ऑडिट का मतलब
आईटी ऑडिट का मतलब है कि एक टीम पेटीएम पेमेंट्स बैंक के सिस्टम की जांच करेगी। साथ ही ये पता लगाने की कोशिश करेगी कि उनका सिस्टम या सॉफ्टवेयर कितने ग्राहकों का बोझ उठाने में सक्षम है। इसके अलावा उसमें क्या-क्या दिक्कत आ रही है। अगर कंपनी ऑडिट में फेल हुई, तो उस पर ये रोक बरकरार रहेगी।
कुल 10 करोड़ केवाईसी कस्टमर्स जुड़े
पेटीएम पेमेंट्स बैंक के पहले कहा था कि दिसंबर में 92.6 करोड़ यूपीआई ट्रांजैक्शन के साथ वह ये मुकाम हासिल करने वाला देश का पहला बेनिफिशियरी बैंक बन गया है। अक्टूबर से दिसंबर 2021 के बीच पेटीएम पेमेंट्स बैंक ने 250.74 करोड़ बेनिफिशियरी ट्रांजैक्शन किया था। 2020 की इसी तिमाही में यह आंकड़ा 96.49 करोड़ था। साल दर साल आधार पर इसमें 159.85% का इजाफा हुआ है। SBI की इस स्कीम में करें निवेश, मिलेगी Tax बचत और अन्य फायदे
पेटीएम पेमेंट्स बैंक की वेबसाइट के मुताबिक, कंपनी के साथ कुल 10 करोड़ केवाईसी कस्टमर्स जुड़े हैं। हर महीने कंपनी 4 लाख यूजर्स हो रही है। इसके साथ ही कंपनी का दावा है कि वह फास्टैग जारी करने वाली सबसे बड़ी कंपनी है। कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक अभी तक वह 80 लाख फास्टैग यूनिट्स जारी कर चुकी है।


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