Raghuram Rajan : रेटिंग एजेंसियों को न दें भाव, जानें अन्य सुझाव

नई दिल्ली। आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने देश में कोरोना महामारी के बन रही आर्थिक स्थिति को लेकर कुछ खास सलाह दी हैं। इसमें सबसे बड़ी सलाह है कि आरबीआई और देश रेटिंग एजेंसियों को भाव न दें और लोन मोरेटोरियम जितना जल्द हो सके खत्म करें। ग्लोबल मार्केट्स फोरम में रघुराम राजन ने कहा कि अगर रेटिंग एजेंसियों को ज्यादा गंभीरता से लिया तो फिर सरकार आर्थिक सुधार के लिए बड़े फैसले लेने में सफल नहीं हो पाएगी।

Raghuram Rajan

निवेश में भी तेजी लाएं

इसके अलावा आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि सरकार को निवेश में भी तेजी लानी चाहिए। विदेशी निवेशकों को विश्वास दिलाना होगा कि कोरोना संकट खत्म होते ही भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी से आगे बढ़ने लगेगी, क्योंकि इसके लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। दरअसल, वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने जून महीने में भारत की रेटिंग और आउटलुक को घटा दिया था। इसके अलावा रेटिंग एजेंसी फिच ने भी भारत के आउटलुक को घटा दिया है। ऐसे में अब रघुराम राजन से सरकार को रेटिंग एजेंसी की सोच पर ज्यादा फोकस न करने की सलाह दी है। आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि कोरोना संकट के बीच भारत सरकार गरीबों और एमएसएमई के लिए कई राहत योजनाएं लेकर आई हैं। लेकिन इस पर अभी और फोकस बढ़ाने की जरूरत है। क्योंकि इस पर वास्तविक खर्च जीडीपी के करीब 1 फीसदी के बराबर ही हो रहा है। इसे तुरंत और बढ़ाया जाना चाहिए।

लोन मोरेटोरियम को खत्म करें

इसके अलावा आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि बैंकों को मोरेटोरियम की सुविधा तुरंत खत्म कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आगे चलकर यह बैंकों के लिए संकट पैदा कर सकता है। रघुराम राजन की सोच है कि लगातार कई महीने तक किस्त नहीं भरने के बाद फिर से फिर किस्त शुरू करने में दिक्कत होती है।

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