आज से सितंबर का महीना शुरू हो गया है, महीने की पहली तारीख को ही पीएनबी ग्राहकों को झटका लगा है। पीएनबी से लोन लेना महंगा हो गया है।
नई दिल्ली: आज से सितंबर का महीना शुरू हो गया है, महीने की पहली तारीख को ही पीएनबी ग्राहकों को झटका लगा है। पीएनबी से लोन लेना महंगा हो गया है। देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने अपने ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर दी है। बता दें कि नई दरें आज यानि एक सितंबर से लागू हो गए हैं। इस तरह होम लोन या ऑटो लोन लेने वालों के लिए सितंबर महीने के पहले दिन ही झटका लगा है। PNB ग्राहक मिस्ड कॉल से जानें अकाउंट बैलेंस, आसान है तरीका ये भी पढ़ें

ब्याज दर 6.80 प्रतिशत हुई
पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने कर्ज के लिये रेपो से जुड़ी ब्याज दर (आरएलएलआर) सोमवार को 0.15 प्रतिशत बढ़ाकर 6.80 प्रतिशत कर दी। नई दरें एक सितंबर से लागू होंगी। इस बढ़ोतरी के बाद बैंक का आरएलएलआर 6.65 प्रतिशत से बढ़कर 6.80 प्रतिशत हो गया है। आवास, शिक्षा, वाहन, सूक्ष्म और लघु उद्योगों को दिए जाने वाले सभी नए कर्ज आरएलएलआर से जुड़ गए हैं। वहीं पीएनबी ने अपनी आधार दर को 0.10 प्रतिशत घटाकर 8.90 प्रतिशत कर दिया है। मामले से जुड़े जानकारों का कहना है कि अब पीएनबी से होम लोन या ऑटो लोन लेना महंगा हो जाएगा।
लोन ईएमआई पर छूट को लेकर आज होगा फैसला
पंजाब नेशनल बैंक के रेपो से जुड़ी ब्याज दर को बढ़ाने से होम लोन या ऑटो लोन लेना महंगा हो जाएगा। बता दें कि लोन ईएमआई पर छूट को सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी। लॉकडाउन के बाद आरबीआई ने तीन महीने के लिए लोन मोरेटोरियम का ऐलान किया था। लेकिन बाद में इस अवधि को 3 महीने के लिए और बढ़ा दिया गया था। याचिकाकर्ता ने कोर्ट में दलील दी है कि कोरोना संकट में जिन कठिन आर्थिक हालातों को देखते हुए मोरेटोरियम सुविधा दी गई थी वह अभी समाप्त नहीं हुई है, ऐसे में मोरोटोरियम की सुविधा को इस साल दिसंबर तक बढ़ाया जाना चाहिए।

दूसरी तरफ आपको बता दें कि पिछले हफ्ते पीएनबी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिये आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि हमने जून तक कुल 7.21 लाख करोड़ रुपये का कर्ज दे रखा था। इसमें एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम) को दिया गया कर्ज 1.27 लाख करोड़ रुपये था। इनमें से 14 प्रतिशत एनपीए (गैर-निष्पादित परिसपंत्ति) है। इसको देखते हुए हमारा मोटा अनुमान है कि करीब 5 से 6 प्रतिशत कर्ज पुनर्गठित करने लायक होंगे। वहीं उन्होंने कहा, पांच-छह प्रतिशत करीब 40,000 करोड़ रुपये बैठता है।


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