नई दिल्ली। पीएम नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को देश की बैंकर्स और वित्तीय कंपनियां के प्रमुखों से खुलकर चर्चा की। ऑनलाइन हुई इस चर्चा में पीएम मोदी ने बैंकर्स की हिचक को समझते हुए कहा कि सरकार वित्तीय बाजार को समर्थन देने में पीछे नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि बैंकों को इस वक्त कर्ज बांटने में थोड़ा आक्रमक होने की जरूरत है।

बैंकिंग सिस्टम को पूरा सपोर्ट
पीएम नरेंद्र मोदी ने इस दौरान कहा कि उनकी सरकार बैंकिंग सिस्टम के सपोर्ट में पूरी तरह से है। पीएम मोदी ने कहा कि ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए सरकार हर जरूरी कदम उठाने को तैयार है। वर्चुअल हो रही इस बैठक में बैंकों और एनबीएफसी के सीईओ शामिल हुए थे। पीएम मोदी ने ग्रोथ के सपोर्ट में फाइनेंशियल और बैंकिंग सिस्टम की भूमिका को अहम बताया। उन्होंने कहा कि छोटे कारोबारी, एसएचजी और किसानों को इस बात के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए कि जिससे वह इंस्टीट्यूशनल क्रेडिट का इस्तेमाल अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए करें।
एमएसएमई और किसानों को कर्ज पर हुई चर्चा
इस बैठक के दौरान पीएम ने एमएसएमई और किसानों से जुड़ी स्कीमों पर खास चर्चा की। पीएम मोदी ने इस दौरान वित्तीय कंपनियों और बैंकों के प्रमुखों से कहा कि वह एमएसएमई के लिए इमरजेंसी लोन, अतिरिक्त केसीसी कार्ड्स के रूप में लोगों को तेजी से मदद करें। मोदी ने इस दौरान एनबीएफसी और एमएफर्आ के लिए लिक्विडिटी विंडो जैसे मसले पर भी चर्चा की। पीएम ने इस दौरान कहा कि ज्यादातर स्कीमों को बढ़ावा दिया जा रहा है, लेकिन बैंकों को आक्रामक ढंग से इन सेक्टर्स को कर्ज देने की कोशिश करना चाहिए। इससे इस मुश्किल वक्त में उन लोगों को कर्ज मिल सके, जिसकी इस तबके को सबसे ज्यादा जरूरत है। पीएम मोदी ने साथ ही बैंक और वित्तीय संस्थानों को ग्राहकों के बीच रूपे और यूपीआई UPI को बढ़ावा देने के लिए प्रयास करना चाहिए।
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