मोदी सरकार की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम ने इतिहास रचा है। बता दें कि इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ उत्तर प्रदेश सरकार ने उठाया है।
नई दिल्ली: मोदी सरकार की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम ने इतिहास रचा है। बता दें कि इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ उत्तर प्रदेश सरकार ने उठाया है। यहां पीएम-किसान स्कीम के तहत 2.14 करोड़ से ज्यादा किसानों को लाभ मिला है। जबकि देश में इसके लाभार्थियों की कुल संख्या 10 करोड़ है। PM Kisan की टक्कर की हैं ये योजनाएं, उठाएं फायदा ये भी पढ़ें

इसी तरह प्रदेश में 1.44 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड पहले से थे, 12 लाख नए बनाए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के साथ आयोजित एक वर्चुअल बैठक में इस बात की जानकारी सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी है। योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 450 किसान उत्पादक संगठन पहले से हैं। अब हर विकासंखड में हम एक-एक एफपीओ बना रहे हैं. इस तरह इनकी संख्या 825 हो जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 45 कृषि उत्पादों को मंडी शुल्क से मुक्त कर दिया गया है।
इस सीएम ने कहा, अभी यूरिया की मांग तेजी से बढ़ी है, जिसकी आपूर्ति सामान्य की जा रही है। किसानों के लिए 30 दिनों तक भंडारण निशुल्क रखा गया है, उससे ज्यादा अवधि के लिए रखने पर शुल्क में 30 प्रतिशत छूट मिलेगी। सीएम योगी ने कहा 8.50 लाख मीट्रिक टन अनाज भंडारण के लिए 5,380 जगह कार्ययोजना बनाई हैं, जिसमें रखे अनाज पर किसान ऋण भी ले सकेंगे। केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि फसल कटाई के बाद भंडारण, प्रोसेसिंग जैसी स्थाई व्यवस्थाओं के लिए ही एक लाख करोड़ रू. की राशि प्रधानमंत्री ने दी है। दस हजार नए एफपीओ बनाने के लिए भारत सरकार साढ़े 6 हजार करोड़ रू. से ज्यादा राशि का निवेश करेगी।

सरकार द्वारा हाल ही में लाए गए ऐतिहासिक अध्यादेशों सहित रिफार्म्स के पीछे एकमात्र उद्देश्य किसानों का हित ही है। इन रिफार्म्स का सार यहीं है कि किसान अपनी जमीन पर स्वयं ही खेती करेगा और जो उपज पैदा होगी, उसे कहीं भी-कभी भी- किसी को भी बेच सकेगा, जिससे उससे अच्छी आय प्राप्त होगी। तोमर ने स्पष्ट किया कि संविदा खेती का मतलब यह कतई नहीं है कि किसान की खेती या जमीन पर किसी और का कब्जा हो जाएगा।


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