Paytm Payments Bank: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा पेटीएम पेमेंट्स बैंक को दी गई आखिरी तारीख नजदीक आती जा रही है। बैंक के द्वारा यह इसलिए बढ़ाया गया था ताकि ग्राहकों को किसी तरह की दिक्कत न हो और वह अपने अकाउंट को किसी दूसरे बैंक में ट्रांसफर कर सकें। अब 15 मार्च से पहले पेटीएम पेमेंट बैंक के मर्चेंट को खरीदने की होड़ में देश के यह 4 बैंक शामिल हो चुके हैं।
हालांकि इसमें लगे तो कई और बैंक भी हैं, लेकिन एक्सिस बैंक, केनरा बैंक और यस बैंक इस के साथ कोटक महिंद्रा इस रेस में सबसे आगे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पेटीएम से करीब 3 करोड़ मर्चेंट जुड़े हुए हैं और यही कारण है कि बैंक अपने कंज्यूमर बेस को तगड़ा बनाने के लिए इन्हें खरीदने का विचार कर रहे हैं।

यह चार बैंक पेटीएम के तीन करोड़ मर्चेंट को खरीदने के लिए तो कतार में जरूर खड़े हैं, लेकिन इनमें कोई एक बैंक सभी मर्चेंट्स को खरीद लेगा या फिर चारों बैंकों के द्वारा मर्चेंट्स का अधिग्रहण किया जाएगा इस बात पर अभी कोई खास जानकारी नहीं मिल रही है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर नॉन कंप्लायंस के चलते रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा रोक लगा दी गई। इसके तहत अब पेटीएम पेमेंट्स बैंक किसी भी तरह का ट्रांजैक्शन नहीं कर सकता है और न ही उसकी पेमेंट बैंक से जुड़ी हुई कोई भी सर्विस काम करेगी।
आरबीआई ने फ्रिक्वेंटली आस्क्ड क्वेश्चंस की सूची जारी करते हुए 1वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड के मर्चेंटऔर यूपीआई यूजर्स अपनेहैंडल, क्यूआर कोड और पॉइंट ऑफ सेल मशीनों को 15 मार्च तक इस्तेमाल कर सकेंगे। 15 मार्च तक इन्हें किसी और बैंक के साथ मर्ज कर दिया जाएगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बैंकों के द्वारा यह उम्मीद जताई जा रही है कि बैंकों के द्वारा अरबों की संख्या में होने वाली ट्रांजैक्शन को मैनेज करने के लिए 50 करोड रुपए से ज्यादा की जरूरत पड़ेगी। हालांकि यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि कौन से बैंक किस तरह के मर्चेंट को अपने साथ ले रहे हैं और इसमें कितने ट्रांजैक्शन 2000 रुपए से कम के होने वाले हैं।
मीडिया हाउस द्वारा चलाई जा रही खबरों के मुताबिक इस मामले को लेकर डॉक्यूमेंटेशन किया जा रहा है और अलग-अलग चर्चाएं भी हो रही हैं। सभी के साथ चर्चाएं अलग-अलग स्टेज पर हैं। ऐसा बताया जा रहा है कि जो भी इस डील को पूरा करेगा वह बैंक इंटीग्रेशन के लिए आगे बढ़ेगा और यह प्रोसेस इस सप्ताह तक पूरी हो सकती है।
वही इस मामले को लेकर यस बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीओ प्रशांत कुमार ने कहां है कि वह पेटीएम पेमेंट बैंक से जुड़े मर्चेंट्स का अधिग्रहण करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। प्रशांत के अनुसार इस पेटीएम पेमेंट बैंक के मर्चेंट्स अपने साथ जोड़ने के लिए बैंक को केवाईसी अनुपालन से जुड़े वेरिफिकेशन को पूरा करना होगा ड्यू डेलिजेंस भी देखना पड़ेगा।
गौरतलब है कि पेटीएम पेमेंट बैंक द्वारा इतने कस्टमर को एक साथ हैंडल करना आसान काम नहीं है लेकिन इससे बैंकों के ट्रांजैक्शन में भी जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
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