नयी दिल्ली। पिछले कुछ दिनों में ऑनलाइन शॉपिंग साइटों पर नकली या डुप्लिकेट सामान बेचने की घटनाएँ सामने आयी हैं। ऐसी ही एक और मामला बेंगलुरु का सामने आया है। बेंगलुरु के एक व्यक्ति ने ऑनलाइटर रिटेलर कंपनी फ्लिपकार्ट पर आईफोन 11 प्रो का ऑर्डर दिया था। इसके लिए उन्होंने 93,900 रुपये की फुल पेमेंट भी कर दी थी। मगर मोबाइल मिलने पर उन्हें पता चला कि उनके साथ धोखा हुआ है। दरअसल उन्हें भेजा गया आईफोन 11 प्रो असली न होकर बैकसाइड पर लगा नकली कैमरा स्टिकर वाला एक नकली फोन है। उन्होंने यह भी पाया कि फोन में कई ऐसी ऐप मौजूद थी, जो ऐप्पल के डिवाइस पर लोड नहीं की जा सकती। कस्टमर ने फ्लिपकार्ट से संपर्क किया, जिस पर कंपनी ने उन्हें मोबाइल रिप्लेस करने का भरोसा दिया है। इससे पहले पिछले साल मुंबई के एक व्यक्ति ने फ्लिपकार्ट पर आईफोन 8 का ऑर्डर दिया था। मगर उन्हें डिलीवरी पैकेज में एक डिटर्जेंट बार मिली।
क्या है पूरा मामला
इंटरनेशनल बिजनेस टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर रजनीकांत कुश्वाह ने फ्लिपकार्ट से आईफोन 11 प्रो ऑर्डर किया था। इस फोन की कीमत 93,900 रुपये है। कुश्वाह ने मोबाइल के लिए पूरी पेमेंट पहले ही कर दी। मगर उन्होंने बॉक्स खोला उन्हें मोबाइल की स्क्रीन और कैमरा नकली मिला। उन्हें भेजे गये फोन का सॉफ्टवेयर भी आईओएस नहीं था। फ्लिपकार्ट ने कुश्वाह को जल्द ही नया मोबाइल भेजने का भरोसा दिया है। ऑनलाइन शॉपिंग के मामले में इस तरह के और भी मामले में सामने आये हैं।
ई-कॉमर्स पर नकली सामान
कुछ दिन पहले लखनऊ के एक आलोक कक्कड़ ने वजीरगंज थाने में अपनी एक शिकायत दर्ज करवायी है। कक्कड़ की शिकायत के मुताबिक चीन की प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी क्लब फैक्ट्री ने लोकप्रिय ब्रांडों पर भारी छूट का विज्ञापन देकर नकली उत्पाद भेज दिये। उन्होंने टाइटन की एक घड़ी का ऑर्डर दिया था, जिस पर 86 फीसदी का भारी डिस्काउंट दिया गया था। इसके अलावा कक्कड़ ने रेन-बैन के एक जोड़ी सनग्सालेस का ऑर्डर दिया था, जिन पर 90 फीसदी का डिस्काउंट था। मामले में कंपनी के साथ-साथ इसके दो डायरेक्टर्स जिआलुन ली और गर्वित अग्रवाल के अलावा सीएफओ अश्विनी रस्तोगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवायी गयी।
हजारों की तादाद में फ्रॉड मामले
अगस्त 2016 से अब तक करीब 14000 ईकॉमर्स फ्रॉड के मामले उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज किये गये हैं। पिछले हफ्ते वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने संसद को बताया था कि अगस्त 2016 से मार्च 2017 के बीच 977 ऐसे मामलों की तादाद 2019 में अप्रैल से नवंबर के बीच 5,620 रही। उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम 2019 के मसौदे पर काम कर रहा है। इस नीति का उद्देश्य धोखाधड़ी, अनुचित व्यापार को रोकना और उपभोक्ताओं के अधिकारों और हितों की रक्षा करना है।
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