नयी दिल्ली। अब वो जमाना नहीं रहा है जब लोग सारी जिंदगी एक ही जगह नौकरी करते रहें। आज के समय में नौकरीपेशा लोग, खास कर युवा, बेहतर अवसर की तलाश में कुछ समय के बाद नौकरी बदल लेते हैं। मगर आम तौर पर नौकरी छोड़ने के बाद आपको अपनी फुल ऐंड फाइनल पेमेंट मिलने में कम से कम एक महीने का समय लग जाता है। मगर आपको यह जानकर खुशी होगी कि जल्दी इस सिस्टम में बदलाव हो सकता है। बता दें कि 8 अगस्त को अधिसूचित वेतन संहिता 2019 के मुताबिक एम्प्लोयर को आपके आखरी वर्किंग-डे के बाद दो दिनों के भीतर पूरा बकाया वेतन का भुगतान करना होगा। नये कानून के तहत वेतन को पूरे मेहनताने के रूप में परिभाषित किया गया है, फिर चाहे वे सैलेरी, कोई भत्ता या अन्य कोई भुगतान हो। इसमें मूल वेतन, महंगाई भत्ता और रिटेनिंग भत्ता भी शामिल हैं। मौजूदा कानून वेतन भुगतान अधिनियम, 1936 के मुताबिक कंपनियों के लिए फाइनल पेमेंट करने के लिए कोई समय सीमा तय नहीं है।

असंगठित क्षेत्रों को भी मिलेगा फायदा
नये कानून के अनुसार अगर किसी को कंपनी से नौकरी से निकाल दिया जाये, कोई रिजाइन कर दे या फिर किसी वजह से कंपनी ही बंद हो जाये तो उस कंपनी को 2 कार्यकारी दिनों में कर्मचारी को अंतिम भुगतान करना होगा। इस कानून से उन लोगों को भी फायदा होगा, जो असंगठित क्षेत्रों में काम करते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि संसद से मंजूरी के बावजूद अभी यह कानून लागू नहीं हुआ है। श्रम मंत्रालय ने नियमों का ड्राफ्ट वेबसाइट पर डाल कर आम जनता से भी सुझाव मांगे हैं।
अगस्त में संसद से हुआ पारित
वेतन संहिता 2019 को लोकसभा ने 30 जुलाई को हरी झंडी दिखा दी थी। वहीं 2 अगस्त को यह बिल राज्य सभा से भी पारित हो गया था। इस नये वेतन कानून में चार पुराने श्रम कानूनों का विलय कर दिया गया है, जिनमें न्यूनतम वेतन कानून, वेतन भुगतान कानून, बोनस भुगतान कानून और समान भत्ता कानून शामिल हैं। नया कानून बनने से ये सभी पुराने कानून खत्म होंगे। आपको बता दें कि नये विधेयक से सरकार को कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन लागू करने में सहायता मिलेगी। इसके अलावा कर्मचारियों को वेतन में देरी से भुगतान का मामला भी सुलझेगा।
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