यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद मास्टरकार्ड ने भी बड़ा कदम उठाया है। मास्टरकार्ड इंक ने कहा कि उसने यूक्रेन पर मॉस्को के आक्रमण के कारण रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों के परिणामस्वरूप अपने भुगतान नेटवर्क से कई वित्तीय संस्थानों
नई दिल्ली, मार्च 1। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद मास्टरकार्ड ने भी बड़ा कदम उठाया है। मास्टरकार्ड इंक ने कहा कि उसने यूक्रेन पर मॉस्को के आक्रमण के कारण रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों के परिणामस्वरूप अपने भुगतान नेटवर्क से कई वित्तीय संस्थानों को अवरुद्ध कर दिया। बता दें कि कंपनी ने एक बयान में कहा कि मास्टरकार्ड आने वाले दिनों में नियामकों के साथ काम करना जारी रखेगी। इसने मानवीय राहत के लिए 2 मिलियन डॉलर का योगदान देने का भी वादा किया। इससे अलग वीज़ा इंक ने एक बयान में कहा कि वह प्रतिबंधों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई कर रहा है और लागू होने वाले किसी भी अतिरिक्त प्रतिबंध का भी पालन करेगा।

अमेरिका समेत कई देशों की ओर से रूस के प्रतिबंध
हाल ही में अमेरिका और उसके सहयोगियों ने रूस के केंद्रीय बैंक के खिलाफ कार्रवाई करने और उसके बैंकों को स्विफ्ट अंतरराष्ट्रीय भुगतान प्रणाली से बाहर करने का ऐलान किया था। इसके बाद रूसी एटीएम पर टूट पड़े और एटीएम के बाहर लंबी-लंबी कतारों में इंतजार करते नजर आए। लोगों को लगा कि प्रतिबंधों के कारण बैंक कार्ड काम करना बंद कर सकते हैं या फिर बैंक नकद निकासी को सीमित कर सकते हैं। यूक्रेन पर हमले की वजह से अमेरिका समेत कई देशों की ओर से रूस के ऊपर तरह-तरह के प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। यहां तक कि नैस्डैक इंक और इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज इंक एनवाईएसई ने भी अपने एक्सचेंज पर लिस्टेड रूस की कंपनियों के शेयरों में कारोबार पर अस्थायी रोक दी है।
इन कंपनियों के शेयर कारोबार पर लगाई रोक
नैस्डैक में सूचीबद्ध स्टॉक- नेक्सटर्स इंक, हेडहंटर ग्रुप पीएलसी, ओजोन होल्डिंग्स पीएलसी, किवी पीएलसी और यांडेक्स पर रोक लगाई गई है जबकि एनवाईएसई में सूचीबद्ध स्टॉक- सियान पीएलसी, मेकेल पीएओ और मोबाइल टेलीसिस्टम्स पीएओ पर भी रोक लगाई गई है। Air India : इलकर आयसी ने ठुकराया Tata Sons का प्रस्ताव
क्या है स्विफ्ट
'सोसाइटी फॉर वर्ल्डवाइड इंटरबैंक फाइनेंशियल टेलीकम्युनिकेशन' (स्विफ्ट ) दुनिया की प्रमुख बैंकिंग संदेश सेवा है, जो भारत सहित 200 से अधिक देशों में लगभग 11,000 बैंकों और वित्तीय संस्थानों को जोड़ती है।
इस प्रणाली को वैश्विक वित्त व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। रूस को इससे बाहर कर दिया गया है जो उसके लिए एक बड़ा झटका है।
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