अगर आप भी विदेशी ई-कॉमर्स साइट से अकसर ऑनलाइन शॉपिंग करते है तो यह खबर पढ़ लें।
नई दिल्ली: अगर आप भी विदेशी ई-कॉमर्स साइट से अकसर ऑनलाइन शॉपिंग करते है तो यह खबर पढ़ लें। मालूम हो कि सरकार क्रॉस बार्डर ट्रांजैक्शंस के लिए टैक्स और कस्टम ड्यूटी का प्रीपेड मॉडल अपनाने पर विचार कर सकती है। इस मॉडल के लागू होने पर विदेशी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों से वस्तुएं खरीदना महंगा हो सकता है। भारतीय ग्राहकों को प्रोडक्ट भेजने वाले चीन और दूसरे विदेशी ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों को सरकारी आईटी सिस्टम के जरिये टैक्स और कस्टम ड्यूटी चुकानी होगी। वहीं सामान की डिलीवरी उसके बाद ही हो पाएगी। जानकारी दें कि कस्टम ड्यूटी और टैक्स का प्रीपेड मॉडल लागू होने पर विदेशी वेबसाइटों से खरीदारी करना लगभग 50 फीसदी महंगा हो सकता है। 2000 रु तक की ऑनलाइन शॉपिंग पर नहीं आएगा OTP, जानें नया नियम ये भी पढ़ें

सरकार लागू करना चाहती है एक नया सिस्टम
बता दें कि सरकार ने प्रीपेड कस्टम्स ड्यूटी और आईजीएसटी (इंटीग्रेटेड गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) सिस्टम लागू कराने के तौर तरीकों को लेकर हितधारकों की सिफारिशें मंगाई हैं। सरकार एक ऐसा सिस्टम लागू करना चाहती है जिसमें कस्टम डिपार्टमेंट अपना पेमेंट इंटरफेस शुरू कर सकेगा ताकि पेमेंट गेटवे सर्विस प्रोवाइडर या ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को उससे इंटीग्रेट किया जा सके। इसमें विदेशी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे सर्विस प्रोवाइडर को ट्रांजैक्शन डिटेल जमा करना, प्रीपेड ड्यूटी चुकाना और बदले में रसीद और ट्रांजैक्शन रेफरेंस नंबर लेना होगा।
इस तरह होगा फायदा
वहीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लोकलसर्किल्स के चेयरमैन के मुताबिक कई विदेशी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की तरफ से किए गए कमर्शियल ट्रांजैक्शन के लिए पोस्टल गिफ्ट चैनलों के दुरुपयोग से घरेलू ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को नुकसान होता है। जबकि प्रीपेड मॉडल बनाने से उपभोक्ताओं और विदेशी आपूर्तिकर्ताओं दोनों के लिए पारदर्शिता बढ़ेगी। वहीं इससे यह सुनिश्चित हो सकेगा कि पैकेज पोर्टों पर न अटकें और कस्टम ड्यूटी और आईजीएसटी की चोरी पर अंकुश भी लगाया जा सकेगा। इस मसले से कैसे निपटा जाए, इसको लेकर सरकार ने लोकसर्किल्स से सुझाव मांगे हैं।
मालूम हो कि पिछले साल सरकार ने कस्टम ड्यूटी और जीएसटी पेमेंट से बच रहे चीन के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों के जरिये सामान की ऑनलाइन खरीदारी पर अंकुश लगाने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई की थी। चीन की ई-कॉमर्स वेबसाइटें टैक्स देने से बचने के लिए उत्पादों को गिफ्ट बताकर भारत में उनकी डिलीवरी करती हैं। अगर भारतीय 5,000 रुपये तक की वैल्यू के वास्तविक गिफ्ट लेते हैं तो उन पर उन्हें कोई टैक्स नहीं देना होता है।
More From GoodReturns

399 रुपये से कम में बेस्ट OTT प्लान: Jio, Airtel और Vi में से कौन सा है पैसा वसूल?

Vi का 859 रुपये वाला धांसू प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी और अनलिमिटेड डेटा, क्या आपको मिला यह ऑफर?

LIC की नई पॉलिसी लॉन्च: 'बीमा प्लेटिनम' और 'जीवन रक्षा' में से कौन सी है आपके लिए बेस्ट?

पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: आज आपके शहर में क्या है कीमत? जानें पूरा गणित

IMD अलर्ट: भारी बारिश में गाड़ी-घर का नुकसान? क्लेम पाने का आसान तरीका

9 सितंबर को सोने के दाम: क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें ताजा भाव

Gold and Silver Price Today: 7 सितंबर को सोने-चांदी के भाव क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें ताजा रेट

आज 8 सितंबर को सोने के भाव में आई नरमी, क्या खरीदारी का है सही मौका? जानें 22 और 24 कैरेट के ताजा रेट

NSE प्री-ओपन ऑक्शन में बड़ा बदलाव: 7 सितंबर से बदलेंगे नियम, जानें निवेशकों पर क्या होगा असर?

रविवार को सोने-चांदी के भाव स्थिर: क्या आज खरीदारी करना है सही फैसला? जानें 22K-24K के ताजा रेट्स

मुंबई लोकल मेगाब्लॉक: आज वेस्टर्न और सेंट्रल लाइन पर बड़ा असर, घर से निकलने से पहले देखें टाइमिंग



Click it and Unblock the Notifications
