कोरोना महामारी के संकट से उबरने के लिए प्रधानमंत्री के बताए 20 लाख करोड़ के पैकेज के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को चौथी प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
नई दिल्ली: कोरोना महामारी के संकट से उबरने के लिए प्रधानमंत्री के बताए 20 लाख करोड़ के पैकेज के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को चौथी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। निर्मला सीतारमण ने आर्थिक पैकेजी की चौथी किस्त पेश करते हुए कोयला, खनिज, रक्षा उत्पादन, हवाई क्षेत्र प्रबंधन, MROs, बिजली वितरण कंपनियां, अंतरिक्ष क्षेत्र, परमाणु ऊर्जा क्षेत्रों की बात करते हुए कई बड़े ऐलान किए। परमाणु ऊर्जा से जुड़े सुधार में रिसर्च रीयेक्टर की स्थापना वित्त मंत्री ने कहा कि परमाणु ऊर्जा से जुड़े सुधार में रिसर्च रीयेक्टर की स्थापना पीपीपी मॉडल में होगी। इससे मानवता की सेवा को बल मिलेगा।

- मेडिकल आइसोटोप के प्रोडक्शन के लिए पीपीपी मोड पर रिसर्च रिएक्टर तैयार किए जाएंगे। कैंसर और दूसरी बीमारियों का सस्ता इलाज उपलब्ध करवाकर मानवता की भलाई को बढ़ावा देंगे।
- विकिरण तकनीक का इस्तेमाल कर फूड प्रिजर्वेशन के लिए पीपीपी मोड पर सुविधाएं विकसित करेंगे।
- देश के स्टार्ट-अप ईकोसिस्टम को न्यूक्लियर सेक्टर से जोड़ेंगे। टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट कम इन्क्यूबेशन सेंटर तैयार किए जाएंगे।
शुक्रवार को निर्मला सीतारमण की ये प्रेस कॉन्फ्रेंस पूरी तरह किसान केंद्रित थी। इस दौरान कृषि क्षेत्र के लिए 11 ऐलान किए गए। इसमें 8 फैसले कृषि और इंफ्रा से जुड़े थे जबकि 3 फैसले गवर्नेंस और रिफॉर्म के हैं। सरकार ने कृषि के बुनियादी ढांचे के लिए एक लाख करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है। इस दौरान एक अहम फैसला आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 में बदलाव को लेकर लिया गया। अब इस अधिनियम से अनाज, तिलहन, प्याज, आलू आदि को मुक्त किया जाएगा।
जबकि गुरुवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में निर्मला सीतारमण ने पटरी-रेहड़ी कारोबारी, छोटे किसान, प्रवासी श्रमिकों से जुड़े 9 बड़े ऐलान किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि 50 लाख रेहड़ी-पटरी कारोबारियों के लिए 10 हजार रुपये का विशेष लोन दिया जाएगा। इसी तरह, शिशु लोन पर छूट, क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम की डेडलाइन बढ़ा दी गई है।
वहीं बुधवार को करीब 6 लाख करोड़ के पैकेज का ऐलान हुआ। इस पैकेज में से एक बड़ा हिस्सा सूक्ष्म, लघु और मझोले कारोबार (एमएसएमई) को दिया गया है। वहीं सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मझोले कारोबार की परिभाषा में भी बदलाव कर दिया है। गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों, एमएफआई को 30,000 करोड़ की नकदी सुविधा दी गई है। इसी तरह, बिजली वितरण कंपनियों पर 94,000 करोड़ रुपये का बकाया है और उनको 90,000 करोड़ का बेल आउट दिया गया है।
More From GoodReturns

Chandra Grahan 2026: सूतक काल सुबह 6:23 से शुरू, जानें आपके शहर में कब लगेगा चंद्र ग्रहण

Silver Price Today: 8 मार्च को चांदी खरीदने का प्लान है? जानें आज 1 किलो चांदी का भाव क्या है?

Happy Holi Shayari: रंगों से भी ज्यादा खूबसूरत हैं ये मैसेज, भेजें प्यार का पैगाम, पढ़ें बेस्ट होली मैसेज

Gold Rate Today: 6 मार्च को सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24K, 22K और 18K गोल्ड रेट

Silver Price Today: शनिवार को बाजार में हड़कंप! फिर चांदी के दाम धड़ाम, जानें 1 किलो चांदी का रेट क्या है?

PNB का बड़ा फैसला! 13 डेबिट कार्ड से ATM कैश निकासी सीमा आधी, जानें किन कार्डधारकों पर पड़ेगा असर

Ladli Behna Yojana 34th Installment: 1500 या 3000 रुपये? जानें कब आएगी 34वीं किस्त और ऐसे करें स्टेटस चेक

Gold Rate Today: चंद्र ग्रहण के दिन सोने की कीमतों में आई गिरावट! जानिए 24K, 22K और 18K गोल्ड रेट

Gold Rate Today: सराफा बाजार में सोने के दामों में लगातार कमी, जानें आज कितना सस्ता हुआ 22K और 24K गोल्ड

Silver Price Today: 6 मार्च को भी चांदी में उतार-चढ़ाव! 30,100 रुपये टूटा भाव, जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

CM Kisan Samman Yojana: राजस्थान किसानों के लिए अपडेट! कब आएगी 6वीं किस्त, ऐसे चेक करें पेमेंट स्टेटस



Click it and Unblock the Notifications