Share Market में आज आईटी सेक्टर (IT Sector) में भारी गिरावट देखने को मिली, जिसने निवेशकों को चौंका दिया। एक अमेरिकी कंपनी की गाइडेंस ने ऐसा असर डाला कि कुछ ही घंटों में लाखों करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यू साफ हो गई। सवाल उठता है कि क्या वाकई एक कंपनी का बयान पूरे सेक्टर को हिला सकता है? लेकिन आज बाजार में ठीक ऐसा ही देखने को मिला।

निफ्टी आईटी इंडेक्स (Nifty IT Index) में 5% से ज्यादा की तेज गिरावट दर्ज की गई। Infosys करीब 8% तक टूट गया, जबकि TCS में करीब 6% की गिरावट देखने को मिली। इसके अलावा LTIMindtree, Mphasis, Tech Mahindra, Persistent Systems और HCLTech जैसे दिग्गज शेयरों में भी 4-5% की कमजोरी रही। दोपहर तक हालात इतने खराब थे कि निफ्टी आईटी इंडेक्स में सिर्फ एक स्टॉक ही हरे निशान में नजर आ रहा था, जो सेक्टर में भारी बिकवाली का साफ संकेत था।
कंपनी का आउटलुक उम्मीदों से कमजोर-
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह रही अमेरिका की दिग्गज आईटी और कंसल्टिंग कंपनी Accenture की नई गाइडेंस। कंपनी ने अपने पूरे साल के रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान को घटाकर 3% से 4% कर दिया, जबकि पहले यह 3% से 5% के बीच रहने की उम्मीद थी। इतना ही नहीं, चौथी तिमाही के लिए भी कंपनी का आउटलुक बाजार की उम्मीदों से कमजोर रहा। इससे निवेशकों को यह संकेत मिला कि ग्लोबल स्तर पर आईटी सेवाओं की मांग उम्मीद से कमजोर हो सकती है।
खबर का असर अमेरिकी बाजार में दिखा-
इस खबर का असर सबसे पहले अमेरिकी बाजार में दिखा, जहां Accenture का शेयर एक ही दिन में 17% से ज्यादा टूट गया। Infosys और Wipro के ADR भी करीब 10% तक गिर गए, जबकि Cognizant में भी 10% से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। अमेरिकी बाजार में इस बिकवाली का असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ा।
नए ऑर्डर 2% घटकर 19.3 मिलियन-
दरअसल, Accenture को आईटी सेक्टर का एक बड़ा इंडिकेटर माना जाता है। यह कंपनी दुनिया भर के बड़े कॉर्पोरेट क्लाइंट्स के साथ काम करती है, इसलिए इसकी ऑर्डर बुक और गाइडेंस को पूरे सेक्टर की मांग का संकेत माना जाता है। कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया कि तीसरी तिमाही में उसके नए ऑर्डर 2% घटकर 19.3 मिलियन रह गए हैं। साथ ही मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण उसके कारोबार पर करीब 400 मिलियन डॉलर का असर पड़ा है, जिसका प्रभाव आने वाली तिमाही में भी जारी रह सकता है।
तस्वीर पूरी तरह नकारात्मक नहीं-
हालांकि तस्वीर पूरी तरह नकारात्मक नहीं है। कंपनी ने यह भी कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा सेवाओं से जुड़े प्रोजेक्ट्स की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है। इससे संकेत मिलता है कि लंबी अवधि में टेक्नोलॉजी सेक्टर की ग्रोथ स्टोरी बरकरार है, भले ही निकट अवधि में दबाव देखने को मिल रहा हो। अब बाजार की नजर आने वाले दिनों में भारतीय आईटी कंपनियों के नतीजों और उनकी गाइडेंस पर रहेगी।
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