म्यूचुअल फंड : ऐप्पल जैसी विदेशी कंपनियों में निवेश करने का मौका

नयी दिल्ली। अगर आप म्यूचुअल फंड्स में निवेश करते हैं तो अब आपके पास विदेशी दिग्गज कंपनियों में निवेश करने का भी मौका है। घरेलू निवेशकों के लिए विदेशी शेयर बाजार में निवेश के बेहतर अवसर हो सकते हैं। इसके अलावा विदेशी कंपनियों में निवेश से आपका पोर्टफोलियो भी स्थिर रहता है। इसे एक उदाहरण से समझा सकता है कि अगर भारतीय अर्थव्यवस्था में सुस्ती है तो यहाँ की कपनियाँ शायद बेहतर ग्रोथ हासिल न कर पायें। मगर हो सकता है कि विदेश में स्थिति बेहतर हो और वहाँ की कंपनियों में निवेश से आपको बेहतर रिटर्न मिले। इससे आपके लिए जोखिम भी कम होगा। विदेशी कंपनियों में निवेश का अच्छा विकल्प उन म्यूचुअल फंड और ईटीएफ में निवेश करना है, जो ग्लोबल इक्विटीज में पैसा लगाते हैं। वहीं म्यूचुअल फंड में निवेश का सबसे बड़ा फायदा होता है कि ये कंपनियाँ बेहतर रिसर्च और विशेषज्ञों की जानकारी के आधार पर पूँजी लगाती हैं। आइये जानते हैं कि म्यूचुअल फंड और ईटीएफ के जरिये आप कैसे विदेशी कंपनियों में निवेश कर सकते हैं।

आसान है विदेश में निवेश तरीका

आसान है विदेश में निवेश तरीका

आपको बता दें कि असल में रिटेल निवेशकों के लिए विदेशी शेयरों में निवेश करने का यह सबसे आसान और अच्छा तरीका है। कई म्यूचुअल फंड / ईटीएफ उपलब्ध हैं, जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में निवेश करने वाली योजनाएं शुरू की हैं। आप इस तरह फंड्स की यूनिट्स उसी तरह से खरीद सकते हैं जैसे आप अन्य म्युचुअल फ़ंड की यूनिट्स खरीदते हैं। इस आसान तरीके से आप विदेशी कंपनियों में निवेश कर सकेंगे। इस तरह आपको विदेशी ब्रोकर के साथ ट्रेडिंग खाता खोलने की भी आवश्यकता नहीं होगी।

म्यूचुअल फंड है सस्ता रास्ता

म्यूचुअल फंड है सस्ता रास्ता

आपको बता दें कि म्यूचुअल फंड में निवेश करने की तुलना में सीधे विदेशी कंपनियों के शेयर खरीदना अधिक महंगा है। क्योंकि करेंसी कंवर्जन और ट्रांसफर चार्जेस में 1-2% की कटौती होगी और उसके बाद ब्रोकरेज का भुगतान करना होगा। हालांकि अगर आपके पास निवेश करने के लिए एक बड़ी रकम है और आप अधिक जोखिम ले सकते हैं तो सीधे भी विदेशों शेयरों में निवेश किया जा सकता है। मगर म्यूचुअल फंड कं जरिये आपको सीधे यूनिट्स खरीदनी होंगी, जिसके चलते आपके निवेश खर्चे कम रहेंगे।

ऐसे होगा विदेशी कंपनियों में सीधे निवेश

ऐसे होगा विदेशी कंपनियों में सीधे निवेश

भारत में ऐसे कई फुल सर्विस ब्रोकर हैं जिनका विदेशी ब्रोकरों के साथ करार है। विदेशी कंपनियों में सीधे निवेश के लिए ये घरेलू ब्रोकर अपने साथी (विदेशी) ब्रोकर की मदद से आपका विदेशी ट्रेडिंग अकाउंट खुलवा सकते हैं। एक और विकल्प है कि जिसमें आप सीधे विदेशी ब्रोकरेज फर्म के साथ खाता खोल खोल सकते हैं। इंटरएक्टिव ब्रोकर्स, टीडी अमेरिट्रेड, चार्ल्स श्वाब इंटरनेशनल अकाउंट आदि जैसे कुछ अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज फर्म हैं जो भारतीय नागरिकों को ट्रेडिंग अकाउंट खोलने की सुविधा देती हैं। एक बार जब आपका ट्रेडिंग अकाउंट विदेशी ब्रोकर के साथ खुल जाता है तो आप आसानी से विदेशी स्टॉक की लेन-देन कर सकते हैं।

शानदार रहा है रिटर्न

शानदार रहा है रिटर्न

म्यूचुअल फंड कंपनियों की उन योजनाओं पर गौर करें जो विदेशी कंपनियों में निवेश करती है तो उनका रिटर्न शानदार रहा है। पिछले तीन का रिटर्न देखें तो मोतीलाल ओसवाल नैस्डैक 100 एक्सचेंज ट्रेडेड फंड ने 21.17 फीसदी, फ्रैंक्लिन इंडिया फीडर फ्रैंक्लिन यूएस अपॉर्च्युनिटीज फंड ने 17.56 फीसदी और निप्पॉन इंडिया यूएस इक्विटी अपॉर्च्युनिटीज फंड ने 16.97 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है।

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