7.28 लाख परिवारों के पास अभी भी बिजली नहीं, वजह कर देगी हैरान

नयी दिल्ली। भारत में पिछले कुछ सालों में बिजली के मामले में काफी विस्तार हुआ है। खास कर 2014 में एनडीए सरकार के आने के बाद ग्रामीण इलाकों में बिजली पहुंचाने पर काफी ध्यान दिया गया है। मगर क्या आप जानते हैं कि भारत में अभी 7.28 लाख परिवार ऐसे हैं, जो बिजली की सुविधा महरूम हैं। देश के 7.28 लाख परिवारों के पास अभी भी बिजली नहीं है। इस बात की जानकारी खुद केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने लोक सभा में दी है। सौभाग्य योजना के तहत, सभी राज्यों ने मार्च 2019 तक सभी घरों में बिजली पहुंचने की घोषणा कर दी थी। इनमें छत्तीसगढ़ के वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के 18,734 घरों को शामिल नहीं किया गया था। हालांकि अभी भी 7 लाख से ज्यादा परिवारों के पास बिजली क्यों नहीं है इसकी वजह हैरान करने वाली है।

खुद ही नहीं चाहते बिजली का कनेक्शन

खुद ही नहीं चाहते बिजली का कनेक्शन

7.28 लाख परिवारों, जिनके पास बिजली नहीं है, तक इलेक्ट्रिसिटी न पहुंचने के पीछे की वजह चौंकाने वाली है। ऐसा नहीं है कि सरकार ने इसके लिए प्रयास नहीं किये, बल्कि हकीकत ये है कि इन परिवारों ने खुद ही अपने घरों के लिए बिजली कनेक्शन लेने से मना कर दिया। 28 फरवरी तक के आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में ऐसे सर्वाधिक 5.82 लाख परिवार हैं जो बिजली कनेक्शन नहीं चाहते। वहीं झारखंड में 68.1 हजार और असम में ऐसे परिवारों की संख्या 45.4 हजार है। मार्च 2019 तक 19.1 लाख परिवार ऐसे थे जो बिजली कनेक्शन नहीं चाहते थे।

अवैध बिजली कनेक्शन का होता इस्तेमाल

अवैध बिजली कनेक्शन का होता इस्तेमाल

फाइनेंशियल एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों के मुताबिक लाखों परिवारों का बिजली कनेक्शन न लेने का बड़ा कारण है इनमें अधिकतर का अवैध बिजली कनेक्शन का इस्तेमाल करना। संसदीय समिति ने यह भी सिफारिश की है कि बिजली मंत्रालय को उन क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर भूमिगत केबल बिछाने का प्रयास करना चाहिए जहां बिजली चोरी की घटनाएं अधिक हैं। हालांकि भूमिगत केबल बिछाना सामान्य तार बिछाने की प्रक्रिया की तुलना में आठ से दस गुना अधिक महंगा होता है।

1.5 साल में 2.5 करोड़ से अधिक परिवारों को बिजली मिली

1.5 साल में 2.5 करोड़ से अधिक परिवारों को बिजली मिली

सितंबर 2017 में सौभाज्य के लॉन्च के बाद से वित्त वर्ष 19 तक देशभर में 2.63 करोड़ घरों का विद्युतीकरण किया गया था। इस योजना में 16,320 करोड़ रुपये का खर्च था, जिसमें केंद्र की तरफ से 12,320 करोड़ रुपये आवंटित किये गये थे। सौभाग्या योजना के तहत बिजली कनेक्शन लेने के लिए कोई अग्रिम शुल्क नहीं देना होता। गरीब परिवारों को मुफ्त में कनेक्शन मिलता है, जबकि अन्य परिवारों को 50 रुपये की 10 किस्तों में कुल 500 रुपये का शुल्क देना होता है। इस चार्ज को मासिक बिल में शामिल किया जाता है।

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