आज के समय में किसान अपनी आय बढ़ाने के लिए चावल, गेहूं और सब्जियों के अलावा कई अन्य चीजों की खेती भी करते है. ताकि उनकी ज्यादा से ज्यादा इनकम हो सकें. यही कारण है कि यूपी के पूर्वाचल (पूर्वी इलाके) को बड़ी सौगात मिलने वाली है. यूपी सरकार जल्द वारणासी में मखाने के खेती को प्रमोट करेगी.

उत्तर प्रदेशमें अभी महज 5 से 7 फीसदी मखाने की खेती होती है. यूपी के कई जिलों में मखाने की खेती पहले ही शुरू हो चुकी है. लेकिन अभी तक यूपी के पूर्वोचल इलाके में मखाने की खेती शुरू नहीं हुई है. इसलिए सरकार ने यह तय किया है कि वे यूपी के पूर्वाचल में भी मखाने की खेती को विसातर करेंगे.
इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक अभी 80 फीसदी मखाने बिहार के दरंभगा जिले से आते हैं. यूपी सरकार का मखाने की खेती को बढ़ावा देने का उद्देश्य है कि किसानों की ज्यादा से ज्यादा कमाई हो. यूपी के पूर्वोचल क्षेत्रों में काम करने वाले किसानों को मखाने की खेती के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा.
इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक यूपी के 25 किसानों को मखाने की खेती सिखाने के लिए बिहार के दरभंगा भेजा जाएगा. इन किसानों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी.
इस ट्रेनिंग का सिर्फ एक ही उद्देश्य है कि किसान मखाने की खेती कर ज्यादा से ज्यादा कमाई कर सकें.
सरकार देगी आर्थिक सहायता
यह पता चला है कि यूपी सरकार किसानों को मखाने की खेती के लिए वित्तीय सहायता भी देगी. यूपी में पहले से किसान मखाने की खेती कर रहे हैं. लेकिन इन्हें कोई भी वित्तीय सहायता नहीं दी जाती थी. अब यूपी सरकार ने यह फैसला किया है कि वे मखाने की खेती करने वाले किसानों को 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की वित्तीय सहायता देंगे.
यूपी सरकार किसानों को यह बातने का प्रयास कर रही है कि मखाने की खेती से कई फायदे होते हैं. फिलहाल असम, मेघालय और ओडिशा राज्यों में भी मखाने की खेती होती है. लेकिन फिर भी मखाने के उत्पादन के मामले में बिहार सबसे पहले आता है.
सिंघाड़े की खेती में भी है फायदा
यूपी में खेती करने वाले किसान मखाने की खेती की ट्रेनिंग लेने के बाद एक दूसरे को सिखा सकते हैं. इसके अलावा मखाने की खेती शुरू करने के लिए सरकार से आर्थिक सहायता भी ली जा सकती है. राज्य सरकार मखाने की खेती के अलावा सिंघाडे की खेती करने पर भी 30,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की वित्तीय सहायता दे रही है.
किसानों को होगा इतना फायदा
सरकार की ये कोशिश है कि किसान अपने आर्थिक जीवन के लिए किसी एक खेती पर निर्भर ना रहें. बल्कि वे गेंहू, चावल और सब्जियां उगाने के साथ ऐसी चीजों की भी खेती करें, जिनसे वे ज्यादा से ज्यादा लाभ पा सकें.
किसान मछली पालन के साथ मखाने की खेती कर सकते हैं. इससे मछलियों के लिए अच्छा खाना भी बन जाएगा और मखानों का उत्पादन भी अच्छा होगा.
यह भी पढ़े: यूपी के किसानों को मिली बड़ी सौगात, बिहार के बाद यूपी के पूर्वाचल में होगी मखाने की खेती
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