
Kusum Yojana : देश के किसानों के लिए सरकार कई सारी योजनाएं लेकर आती है। अगर आप एक किसान है और उत्तर प्रदेश के निवासी है, तो फिर आपके लिए यह खबर बहुत काम की हो सकती है। राज्य के किसानों की आय में बढ़ोतरी करने के प्रयास से उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन (यूपीपीसीएल) ने कुसुम योजना के हिस्से के रूप में 7 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन परियोजनाओं के लिए यूपी के जो छह जिले है। इसमें किसानों के साथ बिजली खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किया है। अब जो उत्तरप्रदेश के किसान है। वो कई सारे बैंकों की सहायता से अपनी बंजर जमीन या फिर जिस जमीन का उपयोग नहीं कर रहे है। उस जमीन पर सौर ऊर्जा उत्पादन सुविधाओं का निर्माण करेंगे। इस योजना की एक बेहद ही खास बात ये है। कि सरकार इस योजना में सब्सिडी भी देगी। इसके साथ ही एक बहुत अच्छी बात हैं कि किसान इस सुविधा की सहायता से जो बिजली उत्पन्न करेंगे। किसान उन बिजली को निजी बिजली कंपनियों बेचकर या सरकार को बेच सकते है और अपना राजस्व बढ़ा सकते है।
सौर ऊर्जा उत्पादन की सुविधाएं यूपी के 6 जिलों में बनाई जानी है
यह सौर ऊर्जा उत्पादन की सुविधाएं यूपी के 6 जिलों में बनाई जानी है। इन जिलों में महोबा, जालौन, देवरिया, हाथरस, बिजनौर और लखनऊ है। यूपीपीसीएल के अध्यक्ष एम देवराज ने घोषणा की कि हाथरस के मौहारी गांव में 0.5 मेगावाट (500 kW) की सुविधा का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ बिजनौर के विलासपुर गांव में 1.5 मेगावाट का सौर ऊर्जा उत्पादन केंद्र का निर्माण किया जाएगा। देवगांव के गांव में 1 मेगावाट की सुविधा का निर्माण किया जाएगा। इसी प्रकार महोबा और जालौन के खुक्सिस गांव में 1 मेगावाट की सुविधा और बरियार गांव में 1 मेगावाट की सुविधा का निर्माण किया जाएगा।
प्राप्त होगी कुछ 90 फीसदी सब्सिडी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह जो योजना है। इस योजना से किसानों को 2 तरह के फायदे होने की उम्मीद है। पहले किसान जो पुराने डीजल सिंचाई पंप है। इन पंप को किसान सौर ऊर्जा संचालित सिंचाई पंपों से बदलने में सक्षम होंगे। इसके बाद दूसरे फायदे की बात करें, तो वे खेत में बने हुए सोलर प्लांट है। किसान इस प्लान से पैदा होने वाली बिजली को बिजली कंपनियों को बेच सकेंगे और 80 हजार रु वार्षिक की अतिरिक्त कमाई कर सकेंगे। इस योजना के मुताबिक, सौर पंप की लागत का 90 प्रतिशत कुल सब्सिडी किसानों को प्राप्त होगी।

1 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा सकता है पांच एकड़ जमीन पर
यह जो कुसुम योजना है। किसानों को सौर ऊर्जा की मदद से बिजली को पर करने के लिए किसानों की जो बंजर भूमि है। इसमें सौर पैनल को लगाने के लिए प्रोत्साहित करती है। कई सारी निजी बिजली कंपनियों और सरकारी बिजली कंपनियों को बिजली बेचते है और हर महीने पैसा कमाते है। अगर आप इस योजना के एक मेगावॉट के सोलर प्लांट का निर्माण कराना चाहते है, तो फिर इसके लिए पांच एकड़ जमीन की आवश्यकता होती है।
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