नयी दिल्ली। केंद्र सरकार की तरफ से सोने को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। सोने से संबंधित यह नियम 15 जनवरी से लागू होने जा रहा है। दरअसल आज से देश में बिकने वाले सोने के गहनों की हॉलमार्किंग अनिवार्य होगी। लेकिन ज्वेलर्स को इस आदेश का पालन करने के लिए एक वर्ष का समय मिलेगा। यानी 15 जवरी 2021 से ज्वेलर्स को नये नियम पर अमल करना होगा। सोने की हॉलमार्किंग के नियमों का उल्लंघन करने वालों को दंडित किया जायेगा। इसके लिए 1 लाख रुपये के जुर्माने के अलावा जेल भी जाना पड़ सकता है। इस बात की जानकारी उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने दी है। उन्होंने यह भी बताया कि इस समय देश के 234 जिलों में 892 परख और हॉलमार्किंग लैब हैं। अगले एक साल में प्राइवेट कारोबारियों की मदद से ऐसे और केंद्र स्थापित किए जाएंगे। पासवान ने कहा कि मंत्रालय बुधवार को हॉलमार्किंग को अनिवार्य बनाने की अधिसूचना जारी करेगा।
सिर्फ तीन तरह का सोना बिकेगा
मंत्रालय की तरफ से अधिसूचना जारी होने के बाद देश में सिर्फ तीन तरह यानी कैरेट के सोने के आभूषण बिकेंगे। कल से सिर्फ 14, 18 और 22 कैरेट के सोने के आभूषण मिलेंगे। पासवान ने कहा कि हॉलमार्किंग को अनिवार्य बनाने का फैसला उपभोक्ताओं के साथ-साथ ज्वेलर्स के लाभ को भी ध्यान में रखते हुए लिया गया।
नये नियमों में बिना बीआईएस हॉलमार्क के कोई भी ज्वेलरी नहीं बेची जाएगी। आपको बता दें कि इस नियम के लिए ज्वेलर्स को एक साल का समय इसलिए दिया गया है ताकि वे अपना स्टॉक खत्म कर सकें।
ग्राहकों पर कोई खास असर नहीं
हॉलमार्किंग के नये नियमों का ग्राहकों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। आपके लिए सोने की खरीदारी के लिए ब्रांडेड और नॉन-ब्रांडेड दोनों तरह के गोल्ड शोरूम एक जैसे होंगे। आप कहीं से भी सोना खरीद कर दूसरी जगह समान दामों पर बेच सकेंगे। अनुमान है कि इससे आभूषण बनाने की लागत कम होगी। एक खास बात और कि यदि आपके पास पहले से कोई सोने का आभूषण तो आपको टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। क्योंकि नये नियम का पुराने आभूषणों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। आप इन्हें बेच सकते हैं।
कितनी है भारत में सोने की मांग
बता दें कि भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयातकों में से एक है। इस समय हर साल देश में 800 टन से अधिक सोने का आयात किया जाता है, जिसमें 80 फीसदी ज्वेलरी के लिए इस्तेमाल होता है। हालांकि देश में पिछले 6 महीनों में सोने की बिक्री काफी घटी है। पिछले छह महीनों में मांग के मामले में 30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इसके मुख्य कारण बढ़ा हुआ आयात शुल्क है। वहीं 2018 में 766 टन के मुकाबले 2019 में सोने का आयात भी घट कर 710 टन रह गया।
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