प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते कल देश को संबोधित करते हुए 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है। बता दें कि पीएम मोदी ने इसे 'आत्मनिर्भर भारत' पैकेज नाम दिया है।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते कल देश को संबोधित करते हुए 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है। बता दें कि पीएम मोदी ने इसे 'आत्मनिर्भर भारत' पैकेज नाम दिया है। पीएम की मानें तो इस पैकेज से अर्थव्यवस्था की गाड़ी पटरी पर एक बार फिर से दौड़ने लगेगी। लेकिन वास्तव में सरकारी खजाने से फिलहाल काफी कम रकम निकलने वाली है। जानकारी दें कि इसका बड़ा हिस्सा करीब 8.04 लाख करोड़ रुपये का ऐलान भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से फरवरी, मार्च और अप्रैल के महीने में कई तरह से सिस्टम में नकदी बढ़ाने के लिए किया जा चुका है।

इतना ही नहीं इसके अलावा मार्च के आखिरी सप्ताह करीबन 27 मार्च को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से घोषित 1.7 लाख करोड़ रुपये के पैकेज को भी जोड़ लिया जाए तो फिर 10.26 लाख करोड़ रुपये की रकम ही बचती है। हालांकि इन सब के बीच उम्मीद की जा रही है कि वित्त मंत्री की ओर से जल्दी ही इस बचे हुए पैकेज के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
वहीं सरकार की ओर से जारी किए गए पैकेज के बारे में जानकारी रखने वालों की मानें तो इस साल पैकेज में से 4.2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जारी करना संभव नहीं लगता। वहीं तीन दिन पहले 9 मई को ही सरकार की ओर से चालू वित्त वर्ष में बाजार से कर्ज की सीमा को बढ़ाकर 12 लाख करोड़ रुपये किया गया है, जो पहले 7.8 लाख करोड़ रुपये था।
तो इस तरह से जानकारों का मानना है कि सरकार कर्ज में ली गई 4.2 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त रकम को ही इस पैकेज के तहत खर्च करने वाली है। यह रकम ही सरकार के पास नकदी के तौर पर उपलब्ध है। इस तरह से देखें तो 4.2 लाख करोड़ रुपये की यह रकम जीडीपी के 2.1 फीसदी के बराबर होगी। या यूं कहें तो गरीबों, पलायन करने वाले मजदूरों और किसानों के लिए सरकार 4.2 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का ही ऐलान हो सकता है। हालांकि यदि इस पैकेज को भी सही तरीके से खर्च किया जाए तो इसके काफी अच्छे परिणाम हो सकते हैं। खासतौर पर तब जब भारतीय अर्थव्यवस्था बीते 47 दिनों से पूरी तरह से ठप है। वहीं ज्यादातर ग्लोबल एजेंसियों ने फाइनेंशियल ईयर 2020-21 में भारत की अर्थव्यवस्था के 0.4 फीसदी की ग्रोथ का अनुमान लगाया है।
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