Kisan Andolan 2024: एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर भारत में हो रहे किसान आंदोलन की वजह से एक नहीं वल्कि कई राज्यों को रोजाना 500 करोड रुपए तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री कहा गया है कि किसान आंदोलन अगर और भी लंबा चलता है, तो उससे राज्यों को और भी ज्यादा जबरदस्त नुकसान हो सकता है। वहीं उद्योग मंडल का कहना भी है कि यह किसान आंदोलन लोगों के रोजगार को भी जबरदस्त नुकसान पहुंचा सकता है। एक आशंका के मुताबिक इस किसान आंदोलन से रोजाना 500 करोड़ रुपए से अधिक का आर्थिक नुकसान होने की उम्मीद जताई जा रही है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि किसानों द्वारा शुरू किया गया यह आंदोलन पंजाब हरियाणा दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अलावा राजस्थान के कुछ हिस्सों के छोटे बड़े व्यापार को प्रभावित कर रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकिइन राज्यों के द्वारा प्रोडक्शन के लिएऔर कस्टमर की डिमांड को पूरा करने के लिए कच्चा माल दूसरे राज्यों से खरीदा जाता है जो इस किसान आंदोलन की वजह से जबरदस्त तरीके से प्रभावित भी हो रहा है।

पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल के मुताबिक लंबे समय तक चलने वाले इस किसान आंदोलन से देश को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि इस आंदोलन का असर दिल्ली पंजाब और हरियाणा जैसे राज्य की तीसरे क्वार्टर की जीडीपी पर पड़ सकता है। अग्रवाल द्वारा कहा गया है कि व्यापार जगत किसान और सरकार के बीच चल रहे इस मनमुटाव में सुलह की जल्द तलाश कर रहा है।
विशेषज्ञों द्वारा बताया जा रहा सरकार और किसान के बीच चल रही इस लड़ाई में सबसे ज्यादा नुकसानपं जाब हरियाणा और दिल्ली के लघु उद्योग का हो सकता है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन तीनों राज्यों की संयुक्त सकल घरेलू उत्पाद इस हिसाब से 27 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है।
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इन तीनों राज्यों में कुल मिलाकर 34 लाख एमएसएमई है, जो अपने संबंधित कारखाने में करीब 70 लाख से ज्यादा कामगारों को रोजगार देती हैं।
सरकार द्वारा किसानों की मांग की सुनवाई न करना और किसानों के द्वारा उसके लिए हिंसक आंदोलन करना दोनों अपनी-अपनी जगह सही है। पर इस स्थिति में उद्योग जगत गेहूं के बीच में घुन की तरह पिस रहा है। फिलहाल उद्योग जगत किसान और सरकार के बीच चल रहे इस आंदोलन के जल्द शांत होने की उम्मीद कर रहा है।
अगर किसानों द्वारा किए जा रहे आंदोलन से देश और राज्यों को इतना बड़ा नुकसान हो रहा है तो निश्चित तौर पर सरकार को इसका हल तलाशना चाहिए। किसानों द्वारा किए गए इस आंदोलन से अगर 70 लाख लोगों के रोजगार पर असर पड़ रहा है और रोजाना 500 करोड़ नुकसान हो रहा है, तो सरकार के द्वारा उस मुद्दे को जल्द से जल्द सुलझाया जाना चाहिए। इससे लोगों को होने वाली दिक्कत भी कम होंगी साथ ही राज्यों को हो रहा नुकसान काफी हद तक कम हो जाएगा।
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