नई दिल्ली। भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकट बुक करने वाली वेबसाइट इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन (आईआरसीटीसी) हर महीने औसतन करीब 8 लाख से ज्यादा ऑनलाइन बुक कराई गईं टिकट को रद कर देता है। आईआरसीटीसी का नियम है कि अगर ऑनलाइन बुकिंग वाले टिकट का रिजर्वेशन अगर कंफर्म नहीं होता है तो उस कैंसिल कर दिया जाता है। यह बताता है कि देश में रेलवे के पास सीटों की कितनी कमी है। सरकार की तमाम घोषणओं के बाद भी आज तक लोगों को मांग के अनुरूप रेलवे में रिजर्वेशन नहीं मिल पा रहा है।

आरटीआई में सामने आई चौंकाने वाली जानकारी
एक आरटीआई के माध्यम से यह जानकारी सामने आई है। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के नीमच में रहने वाले आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ के एक सवाल में यह जानकारी सामने आई है। उन्होंने भारतीय रेलवे की सहायक कंपनी इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन (आईआरटीसीटी) ने आरटीआई एक्ट के तहत सवाल किया था, जिसके जबाव में यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इस जानकारी के अनुसार, मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से नवंबर 2019 के दौरान ऑनलाइन बुक कराई गई 65,68,852 टिकट में कंफर्म न हो पाने के चलते आईआरसीटीसी में अपने आप ही कैंसिल हो गए। इस हिसाब से औसतन हर महीने 8 लाख से ज्यादा ऑनलाइन टिकट कंफर्म न हो पाने के कारण कैंसिल हो रहे हैं। इसके चलते बहुत से लोग अपनी जरूरी यात्राएं नहीं कर पाए हैं।
आज भी समय पर नहीं मिल पाता है कंफर्म रेल का टिकट
रेवले में तमाम निवेश के बाद आज भी लोगों को कंफर्म रेल का टिकट नहीं मिल पाता है। छुट्टियों का समय हो या त्योहारी सीजन, रेल रिजर्वेशन की मांग इतना बढ़ जाती है कि कई बार तो वेटिंग के टिकट भी नहीं मिल पाते हैं। ऐसे में अब रेलवे की योजना मालगाड़ियों के लिए अलग से रेल ट्रेक बनाने की है। फिलहाल ऐसे 2 डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बन रहे हैं। उम्मीद है कि इन दोनों के ऑपरेशनल होने के बाद इन रूट पर ट्रेनों की संख्या लगभग दोगुनी हो जाएगी। ऐसे में इन रूट पर अगले साल से कंफर्म रिजर्वेशन वाली रेल टिकट आसानी से मिलना शुरू हो जाएगी।
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