Iran Israel conflict: दुनिया की सभी देशों की अर्थव्यवस्था एक दूसरे पड़ने पर करती है। इसमें अगर किसी एक देश की अर्थव्यवस्था पर किसी कारण बस असर पड़ता है तो वह दुनिया के दूसरे देशों में भी देखने को मिलता है। ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का कुछ ऐसा ही असर दुनिया भर के तमाम शेयर बाजारों पर देखने को मिल रहा है। इसराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के दौरान सोने की कीमतों में और कच्चे तेल के दामों में भी तेजी देखने को मिली थी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अभी भी ईरान चाहे तो पूरी दुनिया को तेल के लिए तरसा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान ने इस लड़ाई के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया तो कच्चे तेल और एलएनजी की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि ईरान के इस कदम का असर सीधे तौर पर भारत पर भी पड़ सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भारतजैसे कई देश सऊदी अरब इराक और यूनाइटेड अरब अमीरात से क्रूड ऑयल इंपोर्ट करते हैं। ऐसे में अगर बढ़े हुए तनाव के कारण ईरान ने यह 40 किलोमीटर चौड़ा रास्ता रोक दिया तो तेल का आयात बाधित होगा और जाहिर तौर पर कच्चे तेल की कीमतों में भी जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
ईरान और इजरायल के बीच युद्ध के दौरान क्रूड ऑयल की कीमत में काफी तेजी देखने को मिल रही थी, हालांकि दोनों देशों की ओर से तनाव में कमी आने के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में भी थोड़ी गिरावट देखने को मिली है और 87 से 88 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज
आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को हिंदी में जलडमरूमध्य भी कहा जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के द्वारा यह रास्ता बंद किए जाने पर कच्चे तेल और एलएनजी की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है।
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि यह वही रास्ता है जिससे भारत तमाम देशों से अपने लिए तेल आयात करता है। ऐसे में अगर ईरान इस रास्ते को रोक देता है तो कई सारे देश को क्रूड ऑयल इंपोर्ट करने के लिए अपना रूट बदलना पड़ेगा और इससे कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी हो सकती है। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि यह 140 किलोमीटर चौड़ा समुद्री रास्ता है।
इस रास्ते का महत्व इसलिए है क्योंकि इसके जरिए सऊदी रोजाना 63 लाख बैरल कच्चा तेल एक्सपोर्ट करता है। वहीं कुवैत कतर और इराक जैसे बाकी देश मिलकर 33 लाख बैरल तेल प्रतिदिन एक्सपोर्ट करते हैं। वहीं इस रास्ते से ईरान एक दिन में 13 लाख बैरल कच्चा तेल एक्सपोर्ट करता है।
ऐसे में अगर ईरान में रास्ता बंद करता है तो लाखों बैरल कच्चे तेल की कीमत एक झटके में बढ़ जाएगी। इसके अलावा अगर ईरान या कदम उठाता है, तो इससे एलएनजी के बिजनेस पर भी असर पड़ सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि एलएनजी का करीब 20 प्रतिशत कारोबार इसी रास्ते के जरिए किया जाता है।
गौरतलब है कि इसके पहले ईरान के द्वारा इजराइल पर ड्रोन के जरिए ताबड़तोड़ हमले किए गए थे। इसके बाद इजरायल ने जवाबी कार्यवाही करते हुए ईरान पर कई मिसाइलें दागी थीं।
More From GoodReturns

Redington Share Price: शानदार नतीजों के दम पर 10% उछला शेयर, खरीदारी का सही समय?

अदाणी एंटरप्राइजेज ने एयरलाइन लॉन्च की अटकलों को किया खारिज, कहा- रिपोर्ट्स निराधार

भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें

Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

मुंबई बारिश अलर्ट: बैंकिंग ठप होने पर पैसे की किल्लत से कैसे बचें? जानें स्मार्ट तरीके

Indo-MIM Listing Today: आज बाजार में होगी धमाकेदार एंट्री! लिस्टिंग के बाद शेयर बेचने का सही तरीका



Click it and Unblock the Notifications