नयी दिल्ली। शेयर बाजार में निवेश करने का यह एक बहुत अच्छा समय हो सकता है। क्योंकि इस समय शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक यानी सेंसेक्स और निफ्टी रिकॉर्ड स्तरों पर हैं। हालाँकि वैल्यूशन ऊँचे होने पर शेयरों में निवेश के मामले में थोड़ी सावधानी बरतने और चुनिंदा शेयरों में निवेश की सलाह दी जाती है। ऐसे में कुछ बहुसंख्यक सरकारी हिस्सेदारी वाली कंपनियों के शेयर लंबी अवधि के लिहाज से निवेश का शानदार ऑप्शन हो सकते हैं। इसके पीछे मुख्य कारण हैं इन शेयरों का बेहतर डिविडेंड यील्ड यानी लाभांश रिकॉर्ड। हम ऐसी ही तीन सरकारी कंपनियों के शेयरों के बारें में बतायेंगे, जिनमें 5 से 7 फीसदी का लाभांश मिल सकता है। इन कंपनियों का व्यापार मॉडल काफी मजबूत है। इस समय अर्थव्यस्था में सुस्ती है और ऐसे में उन शेयरों में निवेश करना बेहतर है जो आपको बेहतर डिविडेंड दे सकें। आइये जानते हैं ऐसे ही तीन शेयरों के बारे में।
देश की सबसे बड़ी तेल-गैस कंपनी ओएनजीसी
ओएनजीसी एक सरकारी स्वामित्व वाली तेल-गैस कंपनी है, जो देश में इस क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी है। वित्त वर्ष 2018-19 के लिए कंपनी ने 7 रुपये प्रति शेयर के लाभांश की घोषणा की, जो इसके 126.55 रुपये के वर्तमान बाजार मूल्य पर 5.55 फीसदी लाभांश है। ओएनजीसी 2019-20 के लिए फरवरी में फिर से लाभांश घोषित कर सकती है, जिसमें बढ़ोतरी की संभावना है। कंपनी के पूर्वेक्षण में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है। इसलिए लाभांश के आधार पर सुनिश्चित व्यापार संभावनाओं और नंबर एक पॉजिशन के लिहाज ये शेयर काफी आकर्षक है। ओएनजीसी को लंबी अवधि के लिए खरीदना अच्छा ऑप्शन है।
गैस पाइपलाइन वाली प्रमुख कंपनी है गेल
गेल गैस पाइपलाइन, एलपीजी, पेट्रोकेमिकल्स, गैस सोर्सिंग अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम कारोबार की प्रमुख कंपनी है। गेल की अपनी साथी और सहायक कंपनियों में जबरदस्त हिस्सेदारी है। इसकी महानगर गैस में 32.5 फीसदी हिस्सेदारी रखती है और इस समय महानगर गैस का शेयर खुद 1,000 रुपये से अधिक पर कारोबार कर रहा है। गेल गैस जैसी सहायक कंपनियों के अलावा इंद्रप्रस्थ गैस जैसा संयुक्त उद्यम भी एक मजबूत मूल्य प्रस्ताव है। गेल के पास ऐसी कई उच्च गुणवत्ता वाली सहायक कंपनियाँ हैं। वित्तीय नतीजे देखें तो गेल ने सितंबर 2019 को समाप्त तिमाही में 1,167.58 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो कि वित्त वर्ष 2018-2019 की इसी तिमाही में कंपनी द्वारा कमाये गये 1,788.98 करोड़ रुपये के शुद्ध लाभ से 34.73 फीसदी कम है। मगर इस समय यह 52 हफ्तों के निचले स्तर के करीब है, जो इस शेयर को खरीदने का मुख्य कारण है।
सबसे बड़ी कोयला कंपनी कोल इंडिया
कोल इंडिया दुनिया की सबसे बड़ी कोयला खनन कंपनी है, जिसका इस क्षेत्र में भारत में एक एकाधिकार है। कोल इंडिया नकदी के मामले में अमीर और ऋण मुक्त कंपनी है, जिसका लाभांश का भुगतान करने में जबरदस्त रिकॉर्ड रहा है। ओएनजीसी की तरह यह भी एक सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी है, जो लंबी अवधि की औसत में इस समय डिस्काउंट पर कारोबार कर रही है। कोल इंडिया का शेयर 6.82 फीसदी के लाभांश उपज पर उपलब्ध ह, जो बहुत बढ़िया ऑप्शन है। यानी सरकारी स्वामित्व वाला यह स्टॉक नियमित लाभांश के लिए एक अच्छा दांव है।
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