Infosys News: कैंपस प्लेसमेंट के बाद कई फ्रेशर्स को ऑफर लेटर देने के बावजूद इंफोसिस ने उन्हें ज्वाइनिंग डेट देने मे देरी की जिसकी वजह से अब केंद्र सरकार ने कर्नाटक सरकार को कंपनी की इस मामले में जांच करने का आदेश दिया है। आइए इस पूरे मामले के बारे में आपको जानकारी देते हैं।

केंद्रीय मंत्रालय ने दिया ये आदेश
केंद्रीय लेबर एंड एंप्लॉयमेंट मिनिस्ट्री ने कर्नाटक सरकार से इंफोसिस में फ्रेशर्स की ज्वाइनिंग को लेकर उचित कार्रवाई करने को कहा है। देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस अब बड़े एक्शन को झेल सकती है। आपको बता दें कि केंद्रीय मंत्रालय ने कर्नाटक स्टेट लेबर कमिश्नर्स ऑफिस से इस मामले में लेबर लॉ के तहत कार्रवाई करने को कहा है।
केंद्रीय मंत्रालय ने राज्य के लेबर कमिश्नर्स ऑफिस में ये लेटर भेजा है। आईटी यूनियन NITES(Nascent Information Technology Employees Senate) के प्रमुख हरप्रीत सिंह सलूजा के अनुसार, यह आईटी क्षेत्र में एंप्लॉयीज के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और खासतौर से उनके लिए जो अभी इस इंडस्ट्री में एंट्री कर रहे हैं।
इंफोसिस ने फ्रेशर्स की ज्वाइनिंग को लेकर दी जानकारी
इंफोसिस ने कैंपस रिक्रूटमेंट ड्राइव में चुने कैंडिडेट्स को अप्रैल 2022 में ही ऑफर लेटर जारी कर दिए थे, लेकिन ज्वाइनिंग लगातार आगे खिसकती रही, बिना पेमेंट उन्हें प्री-ट्रेनिंग प्रोग्राम से जोड़ा गया और उम्मीद के विपरीत फ्रेशर्स के कई सारे एसेसमेंट किए गए। इसके बाद साल 2024 में फ्रेशर्स को फाइनल ऑफर लेटर जारी किया लेकिन अभी भी 700 फ्रेशर्स ज्वाइनिंग डेट का इंतजार कर रहे हैं।
कंपनी ने फ्रेशर्स के लिए किया Intensive Training Program
कंपनी फ्रेशर्स की योग्यता मूल्यांकन में पास करने के बाद उन्हें व्यक्तिगत रूप से Intensive training program के लिए इन्फोसिस में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इस ट्रेनिंग में असफल होने पर जॉइनिंग तारीख में देरी हुई है। डिजिटल विशेषज्ञ इंजीनियर पदों के लिए 2023 में कई फ्रेशर्स अपनी जॉइनिंग तिथियों का इंतजार कर रही हैं। सैलरी की बात करें तो, सिस्टम इंजीनियर की सैलरी 3.6 लाख रुपये हर साल है, जबकि डिजिटल विशेषज्ञ इंजीनियर के पद के लिए 6.5 लाख रुपये सालाना है।
एनआईटीईएस के मुताबिक, कैंपस में भर्ती हुए जिन लोगों को ऑफर मिले हैं, वे प्री-ट्रेनिंग और मूल्यांकन से गुजर चुके हैं। कैंपस भर्तियों में कंपनी की बार-बार देरी की जांच करने के लिए श्रम और रोजगार मंत्रालय के साथ एक अनुरोध दायर किया। 2 साल की देरी ने कैंडिडेट्स के लिए काफी परेशानियां पैदा कर दी है।
NITES की शिकायत के बाद कंपनी ने जारी किए थे ऑफर लेटर
कैंपस प्लेसमेंट के दौरान नौकरी के लिए चुने गए सभी इंजीनियरों को साल 2022 में इन्फोसिस में एक ऑफर लेटर जारी किया था, लेकिन उनकी जॉइनिंग नहीं की गई थी और उन्हें बिना वेतन वाले ट्रेनिंग प्रोग्राम में जोड़ा जा रहा था। NITES ने 3 सितंबर को बताया कि शिकायत के बाद इंफोसिस में 2,000 फ्रेशर इंजीनियरों को फाइनल ऑफर लेटर दिया है, लेकिन अभी भी कई सारे फ्रेशर इंजीनियर फाइनल ऑफर लेटर का इंतजार कर रहे हैं। NITES के अनुसार, उनकी शिकायत के बाद ही कंपनी ने कुछ के लिए ऑफर लेटर जारी कर दिए थे।
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