नयी दिल्ली। आलू की कीमतों में बहुत जल्द बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि चल रहे आलू के बाजार भाव के मुकाबले लागत के कम होने से किसानों को उम्मीद थी कि आलू की फसल अच्छा मुनाफा देगी। पिछले कुछ सालों के लिहाज से इस साल देश में आलू की पैदावार भी बेहतर हुई। पिछले 2-3 दिनों में हुई बारिश ने स्थिति काफी खराब कर दी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि से त्योहारी सीजन में किसानों के लिए स्थिति बेहद खराब बन गई है। इस बेमौसम बारिश से खेतों में पानी भर गया और अब खेतों में आलू के खराब होने का खतरा है। इससे आलू की आपूर्ति प्रभावित होगी और नतीजे में इसकी कीमतें बढ़ेंगी। आलू के अलावा गेहूं की भी बंपर फसल की उम्मीद थी, मगर अब क्षेत्र में आलू और रेपसीड को भी बड़े स्तर पर नुकसान हो रहा है। तेज रफ्तार हवाओं ने कई इलाकों में गेहूं की फसल को भी चौपट कर दिया है।

यूपी के अलावा पंजाब में भी नुकसान
बारिश के चलते यूपी के बाद जिस राज्य में अधिक नुकसान की खबरें आ रही हैं वो है पंजाब। बारिश से आलू खराब होंगे, जिससे किसानों के लिए अपनी लागत निकालना भी मुश्किल हो जायेगा। यूपी के जिन क्षेत्रों में सबसे अधिक आलू होता है उनमें आगरा, मथुरा, कन्नौज, फिरोजाबाद, अलीगढ़ और फर्रुखाबाद शामिल है। आंकड़ों के मुताबिक यूपी में 50 किलो वजन वाले 30-35 करोड़ पैकेटों का उत्पादन होता है। इसमें डायरेक्ट मंडियों में केवल 5-10 करोड़ पैकेट ही भेजे जाते हैं। जबकि बाकी को भंडार गृह में रख कर धीरे-धीरे आपूर्ति की जाती है।
क्वालिटी और मात्रा दोनों प्रभावित
बेमौसम बारिश से फसलों की क्वालिटी के साथ-साथ मात्रा भी प्रभावित होगी। एक किसान के मुताबिक ऐसा लगता है यह अभी खत्म नहीं हुआ है क्योंकि तेज हवाओं और बारिश का खतरा बना हुआ है। किसान करीब 15 दिन से पहले बारिश से खेतों में दबे आलू का हाल भी शायद नहीं जान पायेंगे। जानकार बताते हैं कि इस तरह की बेमौसम बारिश फसल और किसानों को नुकसान ही पहुँचाती है। इसमें भी औले पड़ जायें तो हालत और खराब हो जाती है।
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