GDP : इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ) के जीडीपी के डेटाबेस से पता चलता है कि 2022 में ग्लोबल जीडीपी मौजूदा अमेरिकी डॉलर में 100 ट्रिलियन डॉलर को पार कर गया।
कोरोना महामारी के आने के एक वर्ष पहले वर्ष 2019 में ग्लोबल जीडीपी 87 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा थी। जिसमें अमेरिका की जीडीपी 21.38 ट्रिलियन डॉलर थी और चीन की जीडीपी 14.34 ट्रिलियन डॉलर थी वही, भारत की जीडीपी की बात करें तो फिर वहां 2.84 ट्रिलियन डॉलर थी।

पिछले कुछ वक्त में अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मंदी में फसने को लेकर काफी अधिक हंगामा हो रहा है, जबकि भारत की बात करें तो फिर वह दुनिया को मात देने वाली जीडीपी वृद्धि दर्ज कर रहा है। हालांकि, यह तथ्य आशावादी नहीं है।
कोरोना महामारी के सभी व्यवधानों के बाद वर्ष 2022 के लिए अमेरिकी की जीडीपी बढ़कर 25.46 ट्रिलियन डॉलर हो गई है वही, चीन की जीडीपी 18.1 ट्रिलियन डॉलर और वही, भारत की जीडीपी की बात करें तो फिर यह 3.39 ट्रिलियन डॉलर हो गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन तीन वर्षों यानी 2019 से 2022 के बीच अमेरिका ने 4.08 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी जोड़ी है। वही, चीन ने 3.76 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी जोड़ी है। वही, भारत सिर्फ 0.55 डॉलर ही जोड़ सका।
अमेरिका और चीन दोनों ने इस अवधि के दौरान भारत की वर्ष 2022-23 की जीडीपी से ज्यादा जोड़ा है। इसको देखे तो क्या हम अमेरिका और चीन के बराबर पहुंचने के लिए अपनी जीडीपी की वृद्धि को बढ़ा पा रहे है या फिर क्या अमेरिका और चीन के साथ भारत की जीडीपी का अंतर असहज रूप से बढ़ रहा है।
हम सभी आईएनआर-यूएसडी को नाममात्र विनिमय दरों के संदर्भ में देखते हैं। 31 दिसंबर, 2019 को करीब 69 रूपये 1 डॉलर के बराबर थे। 31 दिसंबर, 2022 को अगर हमको 1 डॉलर चाहिए होता था तो फिर इसके लिए हमको 83 रूपये की जरूरत थी। इन वर्षों की बात करें तो फिर इस दौरान भारतीय रु में लगभग 20 फीसदी गिरावट आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जीडीपी का अंतर बढ़ता ही जा रहा है।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कुछ दिनों पहले अब हटाए जा चुके शेखी बघारते एक पोस्ट में भारत को फिर से 3.75 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाला एक चमकता सितारा बताया था। आईएमएफ ने वर्ष 2023-24 में भारत की जीडीपी बढ़कर 3.75 ट्रिलियन डॉलर होने का अनुमान लगाया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 2013-14 में भारत की जीडीपी मौजूदा अमेरिकी डॉलर में 1.86 ट्रिलियन डॉलर थी। भारत की जीडीपी 2022-23 में यह बढ़कर 3.39 ट्रिलियन डॉलर हो गई। 2013 से 2022 को अवधि के लिए हमारी सालाना जीडीपी वृद्धि 6.9 फीसदी है। वही, यह 2018-19 और 2022-23 के बीच 4 सालों के दौरान 5.85 फीसदी पर है।
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