Success Story : बैंगलोर के एक आईटी प्रोफेशनल बिराजा राउत ने 21 वर्ष की आयु में पहली बार बर्गर खाया और उन्होंने कभी ऐसा नहीं सोचा था कि यही उसकी किस्मत बन जाएंगे। राउत ने बर्गर के इस टेस्ट को और काफी बड़ा कर दिया है। वर्ष 2016 में बिराजा राउत ने क्विक सर्विस रेस्तरां चेन 'बिगीज बर्गर' की शुरुआत की थी। उनका उद्देश्य ग्रिल्ड बर्गर को शीघ्र से शीघ्र ग्राहकों को पहुंचाना था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राउत का कहना है कि उनके लिए बर्गर एक मील से कही अधिक है। बर्गर ग्लोबल कम्यूनिटी को रीप्रेजेंट करने वाला सिंबल भी है। उनका कहना है कि बर्गर कोई अकेला फूड आइटम नहीं है, बल्कि बर्गर एक कम्पलीट मील पैक्ड है।

जब वे इन्फोसिस में जॉब करने बैंगलोर पहुंचे तो फिर उन्होंने पहली बार बर्गर का स्वाद चखा इसके बाद उन्होंने बर्गर के बारे में रिसर्च किया और उन्होंने पाया कि बर्गर में कोई लोकल ब्रांड नहीं हैं। जो उन्हें ग्लोबल टेस्ट दे सके। यही से बिराजा राउत को अपना लोकल ब्रांड बनाने की तरकीब सूझी।
राउत के बिजनेस का कोई तजुर्बा नहीं था और न ही उनके पास पैसे थे। राउत के पास केवल 20,000 रु थे और बिजनेस का आइडिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राउत ने बताया कि उन्होंने बिजनेस आइडिया और 20,000 रु के दम पर भारतीय क्यूआरएस बर्गर चेन शुरू कर दिया।
उन्होंने पहले बर्गर के बेसिक चीजों को सीखना शुरू किया और उसके बारे में जाना। उन्होंने यूट्यूब और ब्लॉग से कला सीखी और फिर 25 वर्गफुट के एक छोटे से कियोस्क से बिगीज बर्गर की शुरुआत कर दी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वे 5 दिन ऑफिस में काम किया करते थे और वीकेंड पर ऑफिस के पास बने कियोस्क पर बर्गर बेचते थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बिगीज बर्गर का संघर्ष उस वक्त शुरू हुआ जब उनके एक ग्राहक ने इसकी फ्रेंचाइजी खोल ली।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आज बिगीज बर्गर फ्रेंचाइजिंग वाला बिजनेस है। राउत ने कहा कि हम अपने प्रोडक्ट को लेकर सबसे अधिक तैयारी करते है। बिगीज इंटरप्रेन्योर प्रोग्राम के माध्यम से नई फ्रेंचाइजी खोलने से पहले लोगों को ट्रेनिंग दी जाती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बिगीज बर्गर ने इस वर्ष 100 करोड़ रु का रेवेन्यू हासिल कर लिया है।


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