Videshi Mudra Bhandar News: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को शेयर बाजार की तेजी से जमकर फायदा मिल रहा है। इस समय विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार में जमकर निवेश कर रहे हैं। इससे भारत में डॉलर खूब आ रहा है। विदेशी निवेशक पिछले 2 दिनों से शेयर बाजार में भारी पैसा लगा रहे हैं। इससे भारत में डालर का फ्लो अचानक बढ़ा है। आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2023 के दौरान रोज विदेशी निवेशकों ने करीब 3900 करोड़ रुपये का निवेश भारत के शेयर बाजार में किया है।
मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार देश के हित में
जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं।

इसके चलते कल यानी शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूती के साथ बंद हुआ था। कल डॉलर के मुकाबले रुपया 33 पैसे की मजबूती के साथ 83.00 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था।
विदेशी निवेशकों के बढ़ते निवेश के चलते बीते आठ दिसंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत के विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से बढ़ा है। इस सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 2.816 अरब डॉलर बढ़कर 606.859 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया। विदेशी मुद्रा भंडार का यह 4 महीने का उच्चतम स्तर है।
विदेशी मुद्रा के मामले में दुनिया के टॉप 5 देश
- चीन: 3.11 ट्रिलियन डॉलर
- जापान: 1.23 ट्रिलियन डॉलर
- स्विट्जरलैंड: 876,985 बिलियन डॉलर
- भारत: 606,859 बिलियन डॉलर
- रूस: 592,900 बिलियन डॉलर
नोट: यह आंकड़े शनिवार तक के अपडेट हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से से जारी डाटा के अनुसार 8 दिसंबर 2023 को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ा है। इस दौरान विदेशी मुद्रा भंडार 2.816 डॉलर बढ़कर 606.859 बिलियन डॉलर हो गया है। इससे एक सप्ताह पहले विदेशी मुद्रा भंडार 6.107 बिलियन डॉलर बढ़ा था।
रिजर्व बैंक की तरफ से जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार आलोच्य सप्ताह के दौरान भारत की विदेशी मुद्रा आस्तियां (एफसीए) बढ़ी हैं। बीते 8 दिसंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान एफसीए में 3.09 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। अब एफसीए 536.70 बिलियन डॉलर हो गया है। उल्लेखनीय है कि कुल विदेशी मुद्रा भंडार में विदेशी मुद्रा आस्तियां या फॉरेन करेंसी असेट एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। डॉलर में अभिव्यक्त किये जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों में यूरो, पौंड और येन जैसे गैर अमेरिकी मुद्राओं में आई घट-बढ़ के प्रभावों को भी शामिल किया जाता है।
इस दौरान भारत का गोल्ड रिजर्व कम हुआ
बीते 8 दिसंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत के गोल्ड रिजर्व कम हुआ है। इस सप्ताह गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में 199 मिलियन डॉलर की कमी आई। अब गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 47.13 बिलियन डॉलर बची है।
एसडीआर में भी हुई गिरावट आई
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, बीते सप्ताह भारत के स्पेशल ड्रॉइंग राइट या विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) में कमी आई हुई है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान एसडीआर 63 मिलियन डॉलर घटकर 4.84 बिलियन डॉलर के स्तर पर आ गए। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास रखे हुए देश के मुद्रा भंडार में भी कमी हुई है। आलोच्य सप्ताह के दौरान इसमें 11 मिलियन डॉलर की कमी दर्ज हुई है। इसके बाद यह 4.84 बिलियन डॉलर बचे हैं।


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