नई दिल्ली। भारत की वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान ग्रोस डोमेस्टिक प्रोडेटक यानी जीडीपी 4.2 फीसदी रही है। वहीं चौथी तिमाही में यह केवल 3.1 फीसदी ही रही है। जीडीपी के यह आंकड़े सरकार की तरफ से आज यानी 29 मई 2020 को जारी किए गए हैं।

11 साल का सबसे खराब प्रदर्शन
यह पिछले 11 साल में जीडीपी का सबसे कमजोर प्रदर्शन रहा है। इससे पहले तीसरी तिमाही में जीडीपी की ग्रोथ 4.7 फीसदी रही थी। वहीं पूरे वित्त वर्ष 2020 के लिए जीडीपी की ग्रोथ देखें तो वह 4.2 फीसदी रही है, जो उम्मीद से थोड़ा बेहतर है।
ग्रॉस वैल्यू एडेड
अगर हम ग्रॉस वैल्यू एडेड टर्म्स के लिहाज से जीडीपी को देखें तो वित्तीय वर्ष 2020 की चौथी तिमाही में ग्रोथ रेट 3 फीसदी रहा है, जो तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2020) में 4.5 फीसदी थी। फिस्कल ईयर 2020 के लिए ग्रॉस वैल्यू एडेड टर्म में ग्रोथ 3.9 फीसदी रही है। सरकार का कहना है कि जीडीपी के अनुमान को संशोधन के लिए भेजा जा सकता है।
पिछली तीन तिमाही के जीडीपी के आंकड़े
-वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 5 फीसदी रही थी
-वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर की तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 4.5 फीसदी रही थी
-वित्त वर्ष 2019-20 की तीसरी तिमाही में भी जीडीपी ग्रोथ 4.7 फीसदी रही थी
नोट : यह आंकड़े केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय से लिए गए हैं।
5 फीसदी के नीचे ही रही है अभी तक जीडीपी की ग्रोथ
बीते वित्त वर्ष की अगर पहली तीन तिमाहियों के जीडीपी के आंकड़े देखें तो साफ है कि ग्रोथ 5 फीसदी के पार नहीं निकल पाई है। वहीं चौथी तिमाही में कोरोना महामारी के प्रभाव के चलते जीडीपी प्रभावित रही थी। ऐसे में पूरे साल का अनुमान 5 फीसदी से काफी रह सकता है।
आठ कोर सेक्टर आउटपुट भी गिरा
वहीं आज ही जारी आंकड़ों में सामने आया है कि अप्रैल महीने में आठ कोर सेक्टर आउटपुट में 38.10 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई है। यह आंकड़े डीपीआईआईटी की तरफ से जारी किए गए हैं। कोरोना महामारी फैसले के चलते लागू लॉकडाउन के चलते यह खराब आंकड़े दर्ज हुए हैं। वहीं मार्च में इन आठ सेक्टर में केवल 9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी।
आंकड़े चिंताजनक
अर्थव्यवस्था के जानकार इन आंकड़ों को चिंताजनक मान रहे हैं। इन आठ सेक्टर का इंडस्ट्रियल प्रॉडक्शन इंडेक्स (आईआईपी) में करीब 40 फीसदी से ज्यादा का योगदान है। इस इंडेक्स में पिछले 2 महीने से लगातार इसमें गिरावट दर्ज हो रही है। वहीं फरवरी में इसमें 7.1 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई थी।
25 मार्च को लागू है लॉकडाउन
देश में 25 मार्च को लॉकडाउन चल रहा है। देश में कोरोना पहला मामला 30 जनवरी को आया था। ऐसे में 2019-20 की आखिरी तिमाही में लॉकडाउन केवल एक सप्ताह के लिए था। दूसरी तिमाही के दो महीने तो कंप्लीट लॉकडाउन में निकल गए हैं। असली समस्या की शुरुआत तो अब हुई है।
यह भी पढ़ें : कोरोना इफेक्ट : चीन ने चलीं ये 5 चालें, भारत ने पलट दी बाजी
More From GoodReturns

RBI MPC Policy: आज ब्याज दरों पर बड़ा फैसला, आपकी EMI और FD पर क्या होगा असर?

Britannia से Cummins तक, आज इन 5 शेयरों में हलचल, इंट्राडे में रखें नजर!

प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन का ऑफर आया है? 'Accept' दबाने से पहले ये गणित जरूर समझें

सोने में निवेश का सही फैसला: SGB, ETF या फिजिकल गोल्ड, आपके लिए क्या है बेस्ट?

Amazon-Flipkart सेल: बैंक ऑफर्स और EMI का सही गणित, शॉपिंग से पहले ये जरूर देखें

RBI MPC Meeting August 2026: रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, लोन और आपकी EMI पर कैसा असर?

Godrej Consumer Q1 Results: आज नतीजों के साथ डिविडेंड का धमाका? निवेशकों की नजरें इन 3 ट्रिगर्स पर

Jio का ₹10,000 वाला Freedom Pack: 15 महीने की वैलिडिटी और फ्री OTT, क्या है पूरी सच्चाई?

ITR रिफंड का पैसा आना शुरू: क्या आपके खाते में आया? तुरंत चेक करें ये 3 जरूरी चीजें

RBI ने Repo Rate रखा बरकरार, EMI, महंगाई, रुपया और शेयर बाजार पर क्या असर?

सरकारी बॉन्ड नीलामी: FD से बेहतर रिटर्न या जोखिम? जानें निवेश का सही तरीका



Click it and Unblock the Notifications