नई दिल्ली। लगातार कई हफ्ते तक बढ़ने के बाद देश का विदेशी मुद्रा भंडार (फारेक्स रिजर्व) में गिरावट आई है। यह गिरावट करीब 2.939 अरब डॉलर की है। रिजर्व बैंक की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार 14 अगस्त को समाप्त सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार 2.939 अरब डॉलर कम होकर 535.252 अरब डॉलर रह गया है। भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार 7 अगस्त को समाप्त सप्ताह के दौरान 3.623 अरब डॉलर बढ़कर 538.191 अरब डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई पर था। वहीं विदेशी मुद्रा भंडार 5 जून 2020 को समाप्त सप्ताह में पहली बार 500 अरब डॉलर के पार निकला था। उक्त दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 8.223 अरब डॉलर बढ़कर 501.703 अरब डॉलर हो गया था।

कोरोना काल में कम हो रहा है आयात-निर्यात
कोरोना महामारी के दौरान भारत सहित दुनियाभर में कारोबार प्रभावित हो रहा है। इससे दुनिया के देशों का आयात निर्यात प्रभावित हो रहा है। भारत में कोरोना के पहले निर्यात से ज्यादा आयात होता था। यही कारण है कि आयात घटते ही विदेश व्यापार घाटा लगभग नहीं के बराबर रहा गया है। इसके अलावा भारत की रिलायंस में कोरोना महामारी के दौरान करीब 20 बिलियन डॉलर का निवेश हुआ है। इससे भी भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ा है।
विदेशी मुद्रा भंडार का ये है डिटेल
आरबीआई के ताजा आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा आस्तियों के घटने से 14 अगस्त 2020 को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में कमी दर्ज की गई है। इस दौरान विदेशी मुद्रा आस्तियां 74.3 करोड़ डॉलर घटकर 491.550 अरब डॉलर के बराबर रहीं हैं। विदेशी मुद्रा आस्तियों का मूल्य डालर के प्रवाह के साथ-साथ विदेशी मुद्रा भंडार में मौजूद यूरो, पाउंड और येन जैसी मुद्राओं की डॉलर के साथ विनिमय दर में उतार चढ़ाव से भी प्रभावित होता है।
भारत का स्वर्ण भंडार की वैल्यू भी घटी
इसी समय के दौरान भारत का स्वर्ण भंडार यानी गोल्ड रिजर्व 2.19 अरब डॉलर घटकर 37.595 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से विशेष आहरण अधिकार (एडीआर) भी 20 लाख डॉलर घटकर 1.479 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया। इस दौरान आईएमएफ के पास देश का मुद्रा भंडार भी 40 लाख डॉलर कम होकर 4.628 अरब डॉलर रह गया।
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