Gold : इन 5 बातों का रखें ध्यान, कभी नहीं होगा नुकसान

नई दिल्ली। भारत में लोगों को सोना खरीदने का बड़ा शौक है। देश में गोल्ड का उत्पादन नहीं होता है, लेकिन खरीदारी में दुनिया में दूसरे नंबर पर है। यही कारण है कि देश में सोना खरीदने का कोई तय तरीका नहीं है। आमतौर पर लोग सोना खरीदते वक्त कुछ जरूरी बातों का ध्यान नहीं देते हैं, जिससे बाद में नुकसान हो सकता है। आमतौर पर गोल्ड की कीमत में किसी भी तरह की बढ़ोतरी पूरी तरह से इस मान्यता पर आधारित है कि जब हम इसे बेचेंगे तो अधिक कीमत मिलेगी। लेकिन यह पूरा सच नहीं है।

Gold

अच्छा रिटर्न दिया है गोल्ड ने

अगर गोल्ड में रिटर्न की बात की जाए तो पिछले 10 वर्षों में करीब 8.3 फीसदी ही मिला है। यह अलग बात है कि आजकल एक माह में इससे ज्यादा रिटर्न मिला है। लेकिन इससे गलतफहमी पालने की जरूरत नहीं है। गोल्ड अगर शौक है तो अलग बात है, लेकिन अगर निवेश के लिए खरीद रहे हैं तो रिटर्न लम्बे समय में 8 से 10 फीसदी के आसपास ही रहता है।
ऐसे में आइये जानते हैं कि वो 5 बातें कौन सी जरूरी हैं, जो गोल्ड खरीदते समय जानना चाहिए।

जल्द कैश होने के मामले में अव्वल

जल्द कैश होने के मामले में अव्वल

किसी संपत्ति की आसानी से नकदी में बदलने की क्षमता को तरलता यानी लिक्विडिटी कहते हैं। इस मामले में गोल्ड बेहतर है। यदि कोई अपने गोल्ड इनवेस्टमेंट्स की तरलता चाहते है, तो गोल्ड ईटीएफ सबसे अच्छा विकल्प है। इसके बाद दूसरे स्थान पर फिजिकल गोल्ड का नंबर आता है। हालांकि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स अन्य मामलों में बेहतर हैं, लेकिन यहां 8 साल की न्यूनतम लॉक-इन होता है, यानी गोल्ड बांड लेने के बाद आठ साल ही मैच्योरिटी पर पैसा मिलता है। 

सुरक्षित निवेश है गोल्ड

सुरक्षित निवेश है गोल्ड

निवेश की सुरक्षा भी एक प्रमुख चिंता का विषय होती है, लेकिन गोल्ड के मामले में यह ठीक नहीं है। क्योंकि गोल्ड को सुरक्षित रखना आसान है। जब आप गोल्ड में निवेश करते हैं तो सुरक्षा की प्रासंगिकता बढ़ जाती है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड सबसे अच्छा विकल्प है। इसके बाद गोल्ड ईटीएफ का नंबर आता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि फिजिकल सोने के विपरीत, वह निवेशक के डीमैट खाते में डिजिटल रूप में जमा होता है, इसलिए, चोरी या धोखाधड़ी का जोखिम खत्म हो जाता है।

उम्मीद के मुताबिक रिटर्न देता है गोल्ड

उम्मीद के मुताबिक रिटर्न देता है गोल्ड

हर कोई चाहता है कि उसे निवेश पर सबसे अच्छा रिटर्न मिले। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, ज्यादा रिटर्न देते हैं, जिसमें गोल्ड मूल्य के रिटर्न के अलावा 2.5 फीसदी प्रति वर्ष अतिरिक्त ब्याज मिलता है। ऐसे में यह निवेश का अच्छा तरीका हो जाते हैं।

गोल्ड को रखने पर आने वाला खर्च

गोल्ड को रखने पर आने वाला खर्च

गोल्ड के लिए स्टोरेज कॉस्ट का खर्च भी देना पड़ता है। उम्मीद के मुताबिक, गोल्ड बांड और गोल्ड ईटीएफ फिजिकल सोने की तुलना में मामूली लागत पर बहुत सुविधाजनक और जोखिम मुक्त भंडारण की सुविधा देते हैं, क्योंकि वे डीमैट खाते में इलेक्ट्रॉनिक रूप में यह जमा किए जाते हैं। वहीं अगर आप खुद लॉकर लेकर इसे रखते हैं तो ऐसा करना ज्यादा महंगा पड़ता है।

सोने की शुद्धता

सोने की शुद्धता

सोने में शुद्धता का शक हमेशा बना रहता है। इसकी शुद्धता को परखना आसान भी नहीं है। ऐसे में फिजिकल गोल्ड की खरीद हमेशा अपने विश्वसनीय ज्वैलर से ही करना चाहिए। ऐसा होने पर धोखाधड़ी का जोखिम कम हो जाता है। हालांकि गोल्ड बांड और गोल्ड ईटीएफ में 24 कैरेट शुद्ध सोना ही ऐलाट किया जाता है।

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+