Foreign Exchange Reserve: भारत का बीते सप्ताह फॉरेन करेंसी एसेट में उल्लेखनीय कमी हुई है। इसलिए तो इसके विदेशी मुद्रा भंडार में तगड़ी गिरावट हुई है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मुताबिक 18 अगस्त 2023 को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 7.3 अरब डालर की तगड़ी गिरावट हुई है। इससे एक सप्ताह पहले इसमें 70 करोड़ डॉलर से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हुई थी। इसी के साथ पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में भी गिरावट की खबर है।
जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं।

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में भारी गिरावट आई है। बीते 18 अगस्त 2023 को खत्म हुए हफ्ते के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार में 7.3 अरब डॉलर की कमी आई है। इस गिरावट के बाद विदेशी मुद्रा भंडार 2 माह के न्यूनतम स्तर पर आ गया है। इस गिरावट के बाद भारत का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 595 अरब डॉलर बचा है। वहीं इससे पहले 11 अगस्त को समाप्त सप्ताह के दौरान अपने विदेशी मुद्रा भंडार में 70 करोड़ 80 लाख डॉलर बढ़ा था।
विदेशी मुद्रा के मामले में दुनिया के टॉप 5 देश
- चीन : 3.38 ट्रिलियन डॉलर
- जापान : 1.25 ट्रिलियन डॉलर
- स्विट्जरलैंड : 898,588 बिलियन डॉलर
- भारत : 594,888 बिलियन डॉलर
- रूस : 579,500 बिलियन डॉलर
नोट: यह आंकड़े रविवार तक के अपडेट हैं।
रिजर्व बैंक की तरफ से जारी ताला आंकड़ों के अनुसार बीते 18 अगस्त को समाप्त सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार 7.273 अरब डॉलर कम हुआ है। इसी के साथ विदेशी मुद्रा भंडार घट कर 594.89 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया है। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार का ऑल टाइम हाई स्तर अक्टूबर 2021 को था, जब भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 645 अरब डॉलर के स्तर तक आ गया था।
रिजर्व बैंक की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार आलोच्य समय के दौरान भारत की विदेशी मुद्रा आस्तियां घटी हैं। बीते 18 अगस्त को समाप्त सप्ताह के दौरान इसमें 6.61 अरब डॉलर की कमी आई है। इसी के साथ अब यह घट कर 527.79 बिलियन डॉलर बचा है। उल्लेखनीय है कि कुल विदेशी मुद्रा भंडार में विदेशी मुद्रा आस्तियां या फॉरेन करेंसी असेट एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। डॉलर में अभिव्यक्त किये जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों में यूरो, पौंड और येन जैसे गैर अमेरिकी मुद्राओं में आई घट बढ़ के प्रभावों को भी शामिल किया जाता है।
बीते 18 अगस्त को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू भी कम हुई है। इस दौरान गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 515 मिलियन डालर घटी है। इसक बाद भारत के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू अब 43.82 बिलियन डालर है।
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, बीते सप्ताह भारत के स्पेशल ड्रॉइंग राइट या विशेष आहरण अधिकार में भी कमी आई है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान एसडीआर 119 मिलियन डॉलर घटकर 18.20 बिलियन डॉलर के स्तर पर है। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास रखे हुए मुद्रा भंडार में भी कमी आई है। आलोच्य सप्ताह के दौरान इसमें 25 मिलियन डालर की कमी आई। इस गिरावट के बाद अब यह 5.07 बिलियन डॉलर बचा है।


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