नोटबंदी : 2016 नहीं 1920 में हुए थे पहली बार नोट बंद, जानिये इतिहास

नयी दिल्ली। नवंबर 2016 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस समय चलने वाले 500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों को अमान्य करने का ऐलान किया था। उसके बाद सरकार ने 500 रुपये का नया नोट पेश किया और 1000 रुपये की जगह 2000 रुपये का नोट आया। मगर यह भारत में हुई पहली नोटबंदी नहीं थी। क्या आप जानते हैं कि अब से ठीक 100 साल पहले यानी 1920 में हैदराबाद में उस समय की निजाम सरकार ने भारत की पहली नोटबंदी का फैसला लिया था। 1920 में हैदराबाद की निजाम सरकार ने 1 रुपये के नोट को सर्कुलेशन से बाहर कर दिया था। निजाम ने 1918 में 10 रुपये और 100 रुपये के नोट पेश किये थे। इसके बाद 1919 में 1 रुपये का नोट पेश किया गया। दरअसल उस समय प्रथम विश्व युद्ध के मद्देनजर धातु विशेष रूप से चांदी की भारी कमी थी। इसलिए 1919 में सिक्के की जगह 1 रुपये का नोट लाया गया।

नोट का नहीं था कोई मूल्य

नोट का नहीं था कोई मूल्य

गौरतलब है कि निजाम सरकार ने 1 रुपये का नोट पेश तो कर दिया, मगर सरकार की तरफ से गारंटी के बावजूद वो लोगों के बीच लोकप्रिय नहीं था, क्योंकि नोट की कोई अपना वास्तविक मूल्य नहीं था। जबकि उस समय चलने वाले 1 रुपये के सिक्के की मांग और मूल्य काफी था, क्योंकि उसमें इतने ही रुपये के वजन के बराबर चांदी होती थी। इसके अलावा, 1 रुपये का नोट काले रंग में छपा था। लोगों ने इस रंग को अशुभ माना और इस तरह इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

इस तरह हो गयी नोटबंदी

इस तरह हो गयी नोटबंदी

1 रुपये के नोट की कोई वैल्यू न होने और लोगों को इसे अशुभ माने जाने के कारण निजाम सरकार सिर्फ एक साल के अंदर ही 1 रुपये के नोट को वापस लेने को मजबूर हो गयी और इस तरह यह भारत के इतिहास की पहली नोटबंदी की घटना दर्ज हुई। टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के अनुसार वरिष्ठ बैंकर और विशेषज्ञ संख्यावादक अमरबीर सिंह के मुताबिक ब्रिटिश सरकार ने हैदराबाद रियासत को अपने स्वयं के सिक्कों का टकसाल बनाने का अधिकार दिया था।

1861 में ब्रिटिश सरकार बनी एकमात्र जारीकर्ता

1861 में ब्रिटिश सरकार बनी एकमात्र जारीकर्ता

1861 में ब्रिटिश सरकार कागज मुद्रा की एकमात्र जारीकर्ता बनी। ब्रिटिश सरकार ने सभी प्राइवेट बैंकों, जिनके अपने बैंक नोट थे, को अपने नोट वापस लेने का आदेश दिया। लेकिन सरकार (हैदराबाद राज्य) द्वारा जारी पहला कानूनी निविदा (रुपया 1) 1920 में वापस ले लिया गया, इस प्रकार आधिकारिक तौर पर यही पहली नोटबंद है। वापस ली गयी मुद्रा शाही खजाने में रखी गयी और मार्च 1939 में नष्ट कर दी गयी। 1926 में निजाम सरकार ने 1000 रुपये के नोट जारी किये।

यह भी पढ़ें - एयरफोर्स का खुलासा : जानें नोटबंदी के दौरान जाने क्या-क्या किया

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+