नयी दिल्ली। देश भर में शायद ही ऐसा कोई हो जिसे 8 नवंबर 2016 को हुई नोटबंदी याद न हो। नोटबंदी से जुड़ी लोगों की अपनी अच्छी-बुरी यादें भी हैं। इनमें एटीएम की लंबी लाइनों में लगने से लेकर पड़ोस की दुकान से कई दिन तक उधार सामान लाना तक शामिल है। मगर क्या आप जानते हैं कि सरकार के उस समय 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने और नये नोट लाने के समय देश की एयर फोर्स क्या कर रही थी और नोटबंदी के बाद एयरफोर्स ने क्या-क्या किया? इस मामले पर अब पूर्व एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ ने एक बहुत बड़ा खुलासा किया है। नोटबंदी के बाद एयरफोर्स ने देश के कई अलग-अलग हिस्सों में 625 टन नये करेंसी नोट पहुँचाये थे। 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीवी पर घोषणा करके 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने का ऐलान किया था। उनकी जगह 500 रुपये और 2000 रुपये का नया नोट चलन में लाया गया था।

वायु सेना प्रमुख 33 मिशनों को दिया अंजाम
बीते शनिवार को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे द्वारा आयोजित टेकफेस्ट कार्यक्रम में बोलते हुए, धनोआ ने कहा, "जब नोटबंदी हुई, हम (वायु सेना) करेंसी ली और आपके पास लाए। यदि एक करोड़ रुपये 20 किलो के बैग में आते हैं तो मुझे नहीं पता कि हम कितने करोड़ रुपये ले गए।" धनोआ की प्रस्तुति की एक स्लाइड से पता चलता है कि आंतरिक सेवाओं के हिस्से के रूप में, भारतीय वायुसेना ने 33 मिशनों को अंजाम दिया था, जिनमें नोटबंदी की घोषणा के बाद 625 टन करेंसी ले जायी गयी।
विवादों में घिरी बोफर्स डील
धनोआ 31 दिसंबर 2016 से 30 सितंबर 2019 तक वायु सेना प्रमुख रहे। उन्होंने कार्यक्रम में बताया कि बोफोर्स तोपों के "अच्छे" होने के बावजूद बोफोर्स सौदा बहुत विवादों में घिर गया। ये सौदा राजीव गांधी सरकार के दौरान हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि अगर विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान पिछले साल बालकोट हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के स्टैंड-ऑफ के दौरान मिग 21 के बजाय राफेल उड़ा रहे थे, तो परिणाम कुछ और होता।
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