India Defense Export Growth: डिफेंस सेक्टर में भारत ने पिछले कुछ सालों में जबरदस्त सफलता हासिल की है। पिछले 6 सालों के अंदर भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट 10 गुना तक ज्यादा बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मेक इन इंडिया की वजह से देश के रक्षा निर्यात को जबरदस्त मजबूती और तेजी मिली है। अभी हाल में ही भारत ने आर्मेनिया के साथ एक डील साइन की है, जिसके तहत भारत आर्मेनिया को डिफेंस सिस्टम मुहैया कराएगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें की भारत अभी 85 अन्य देशों को भी सुरक्षा के लिए हथियार सप्लाई करता है। यह एक बड़ा आंकड़ा है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें की भारत आर्मेमेनिया को हवाई हमला रोकने के लिए एयर डिफेंस दे रहा है। इस एयर डिफेंस सिस्टम के अंतर्गत तोप, गोला बारूद और ड्रोन सिस्टम शामिल है। सूत्रों के मुताबिक मिल रही जानकारी के अनुसार यह डील करीब 6000 करोड़ रुपए की है। जल्द ही भारत आर्मेनिया को हथियार सप्लाई करना भी शुरू कर देगा। आर्मेनिया के लिए इस एयर डिफेंस सिस्टम को बनाने का काम भारत डायनामिक्स लिमिटेड कंपनी को मिला है।

भारत में पिछले साल अप्रैल में ही हवाई हमले को रोकने वाले सिस्टम की खरीद के बारे में बताया था। हालांकि उस समय इस डिफेंस सिस्टम के खरीदार का नाम सामने नहीं किया गया था। भारतीय सेना ने मार्च के महीने में इस सिस्टम को अपने बेड़े में शामिल किया था। इस बेहतरीन और किफायती डिफेंस सिस्टम को भारत के डिफेंस रिसर्च आर्गेनाईजेशन डीआरडीओ के द्वारा बनाया गया है।
आपको बताते चलें कि यह पुराने सिस्टम के मुकाबले साइज में कॉम्पैक्ट है पर इसकी ताकत और चारों तरफ मार करने की क्षमता काफी ज्यादा है। यह चारों तरफ से होने वाले हमले को रोक सकता है। इसमें एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है जिससे इस डिफेंस सिस्टम की सटीकता और भी ज्यादा बढ़ जाती है। इस डिफेंस सिस्टम में लगने वाला 82 प्रतिशत सामान के अंदर ही बनाया गया है। पिछले साल कल्याणी स्ट्रैटेजिक सिस्टम ने बताया था कि उसे 15.5 करोड डॉलर की डील मिली है जिसके तहत उसे तोप बनाने हैं, अब इन सभी तोपों को आर्मेनिया भेजा जाएगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत ने पिछले वित्तीय वर्ष में 16,000 करोड़ रुपए तक के डिफेंस प्रोडक्ट्स को एक्सपोर्ट किया है, जो अब तक का सबसे हाईएस्ट लेवल है और साल 2016-17 के फाइनेंशियल ईयर के मुकाबले 10 गुना से भी ज्यादा है। भारत में डिफेंस सिस्टम की बढ़ती डिमांड एक अच्छा संकेत है और इसका ज्यादातर श्रेय मेक इन इंडिया को दिया जा रहा है। 2022-21 के वित्त वर्ष के मुकाबले 2022-23 के वित्त वर्ष में रक्षा निर्यात में करीब 3000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी देखने को मिली है।
जानकारी के मुताबिक लगभग 8 साल के वक्त से पहले भारत को डिफेंस सिस्टम इंपोर्ट करना पड़ता था, लेकिन अब वह बेहतरीन मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम और आर्मर्ड व्हीकल्स की जबरदस्त सप्लाई दुनिया के 85 देशों में कर रहा है और अपने डिफेंस सिस्टम एक्सपोर्ट को साल दर साल लगातार बढ़ा रहा है।
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