नयी दिल्ली। एक तरफ गोल्ड में निवेश बढ़ रहा है। गोल्ड की कीमतें भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गयी हैं। मगर दूसरी तरफ भारत में फिजिकल गोल्ड की मांग घट रही है। भारत में फरवरी में गोल्ड के आयात में 41 फीसदी की गिरावट आयी है। फरवरी 2019 के मुकाबले फरवरी 2020 में भारत का सोने का आयात 41 फीसदी लुढ़क गया। स्थानीय कीमतों में आयी जोरदार बढ़ोतरी से सोने की रिटेल मांग प्रभावित हुई है। फरवरी 2019 में देश में 77.64 टन सोने का आयात किया गया था, जबकि इस साल फरवरी में 46 टन सोने का आयात किया गया। मूल्य में देखें तो 2.58 अरब डॉलर के मुकाबले सोने का आयात 2.36 अरब डॉलर का रह गया।

बढ़ाया गया था आयात शुल्क
इस बार के बजट में सोने के सिक्कों पर आयात शुल्क 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया गया। इससे पहले भारत में बार और सिक्कों की मांग अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में दोगुनी होकर 45 टन हो गई, जो जुलाई-सितंबर तिमाही में 22 टन थी। कीमतों की बात करें तो सोमवार को गोल्ड की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। गोल्ड अप्रैल फ्यूचर की कीमत 520 रुपये या 1.26 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 41,917 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहे थे। वहीं सिलवर मार्च फ्यूचर्स एमसीएक्स में 940 रुपये या 2.12 फीसदी की वृद्धि के साथ 45,343 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रहे थे।
गोल्ड में पैसा लगाने का सही वक्त
बाजार जानकारों का कहना है कि यह समय एक दम सही है जब निवेशकों को गोल्ड में निवेश करना चाहिए। निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में गोल्ड को शामिल करना चाहिए। साथ ही गोल्ड के पोर्टफोलियो में बदलाव करना चाहिए। अगर पोर्टफोलियो में 10 फीसदी गोल्ड में निवेश है तो इसे बढ़ा कर 15 फीसदी किया जाना चाहिए। विशेषज्ञ बताते हैं कि निवेशकों को लंबे समय में गोल्ड से डेब्ट जैसा रिटर्न मिल सकता है।
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