नयी दिल्ली। गोल्ड की चमक बरकरार है। कोरोनावायरस सहित कई अन्य कारणों से ग्लोबल अर्थव्यवस्था के आसपास मंडरा रहे खतरों के चलते गोल्ड ने अपनी सुरक्षित और उपयोगी हेजिंग इंस्ट्रुमेंट की छवि को बरकरार रखा है। दरअसल गोल्ड ने पिछले एक साल में शानदार रिटर्न दिया है, जो किसी भी अन्य निवेश ऑप्शन के मुकाबले सबसे अधिक है। भारतीय गोल्ड फंड, वे म्यूचुअल फंड जो सोने में निवेश करते हैं, ईटीएफ आदि ने पिछले एक साल में लगभग 27 फीसदी का रिटर्न दिया है। वहीं पिछले 3 सालों में इनका रिटर्न 11.93 फीसदी और पांच साल का रिटर्न 8.56 फीसदी रहा है। इनमें सबसे टॉप पर रहे इंवेस्को इंडिया गोल्ड फंड ने पिछले एक साल में सबसे अधिक लगभग 30 फीसदी रिटर्न दिया है। बता दें कि पिछले कुछ समय में निवेशकों का रुझान भी गोल्ड की तरफ बढ़ा है।
कहां तक पहुँचे गोल्ड के दाम
सोमवार को गोल्ड की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। गोल्ड अप्रैल फ्यूचर की कीमत 520 रुपये या 1.26 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 41,917 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहे थे। वहीं सिलवर मार्च फ्यूचर्स एमसीएक्स में 940 रुपये या 2.12 फीसदी की वृद्धि के साथ 45,343 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रहे थे। स्वाभाविक रूप से निवेशकों को गोल्ड म्यूचुअल फंड योजनाओं में बड़ा निवेश करने के लिए आकर्षित किया जाता है। बता दें कि लंबे समय तक एक दायरे में रहने के बाद पिछले करीब एक साल में ही गोल्ड की कीमतों में वापस तेजी आयी है।
क्या है जानकारों की राय
इकोनॉमिक टाइम्स में छपी रिपोर्ट के अनुसार म्यूचुअल फंड मैनेजर, सलाहकार और वित्तीय योजनाकारों सहित निवेश विशेषज्ञ मानते हैं कि गोल्ड की चमक कुछ और समय के लिए बरकरार रह सकती है। वैश्विक बाजारों में लगातार अनिश्चितताओं के कारण पिछले कुछ महीनों में सोने में तेजी रही है। पहले व्यापार तनाव के चलते दुनिया की अर्थव्यवस्था के पटरी से उतरने के डर से गोल्ड की कीमतें बढ़ीं। अब कोरोनावायरस के कारण इसकी कीमतें और बढ़ रही हैं। कोरोनावायरस के कारण ही निवेशकों का रुझान गोल्ड की तरफ बढ़ रहा है।
गोल्ड में निवेश का सही समय
बाजार जानकार कहते हैं कि यह एक दम सही समय है जब निवेशकों को गोल्ड में निवेश करने के बारे में सोचना चाहिए। निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में गोल्ड को शामिल करना चाहिए। साथ ही गोल्ड के पोर्टफोलियो में बदलाव करना चाहिए। अगर पोर्टफोलियो में 10 फीसदी गोल्ड में निवेश है तो इसे बढ़ा कर 15 फीसदी किया जाना चाहिए। विशेषज्ञ बताते हैं कि निवेशकों को लंबे समय में गोल्ड से डेब्ट जैसा रिटर्न मिल सकता है।
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