नयी दिल्ली। 2019 शेयर बाजार के लिए काफी अच्छा साल रहा। इस साल सेंसेक्स और निफ्टी ने नयी ऊँचाइयों को छुआ। आर्थिक मंदी के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों ने जम कर पैसा लगाया। भारतीय शेयर के नयी बुलंदियों पर पहुँचने के पीछे विदेशी निवेशकों की तरफ से की गयी खरीदारी एक बड़ा और अहम कारण रहा। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों या एफपीआई ने भारतीय कैपिटल मार्केट में जम कर निवेश किया। 2019 में एफपीआई ने भारत में 1.3 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है, जो पिछले 6 सालों में सबसे अधिक राशि है। घरेलू स्तर की कंपनियों की बात करें तो इस साल कई कंपनियों ने निवेशकों को अच्छी कमाई करवायी, जबकि कुछ कंपनियों ने निवेशकों को तगड़ी चपत भी लगवाई। हम आपको बतायेंगे कि 2019 में किन 5 कंपनियों ने निवेशकों का सबसे अधिक पैसा डुबाया और किन 5 मुख्य कंपनियों ने निवेशकों की पूँजी में सबसे ज्यादा बढ़त करवाई।
डुबाने वाली 5 से 3 कंपनियाँ अनिल अंबानी की
जिन 5 कंपनियों ने निवेशकों की सबसे अधिक पूँजी डुबायी है, उनमें से 3 कंपनियाँ अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप की हैं। ये तीन कंपनियाँ हैं रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस कैपिटल और रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर, जिनमें इस साल 95 फीसदी तक की गिरावट आयी। सबसे अधिक निवेशकों का पैसा रिलायंस कम्युनिकेशंस या आरकॉम ने डुबाया। आरकॉम का शेयर 94.56 फीसदी लुढ़क कर 0.85 रुपये पर पहुँच गया। इसकी वर्तमान बाजार पूँजी करीब 235 रुपये है। वहीं रिलायंस कैपिटल का शेयर 94.54 फीसदी टूट कर 11.9 रुपये पर आ गया, जबकि इसकी बाजार पूँजी 300 करोड़ रुपये रह गयी। तीसरे नंबर पर रही एनबीएफसी कंपनी डीएचएफएल, जिसके चेयरमैन कपिल वाधवान हैं। 2019 में यह 93.2 फीसदी लुढ़क कर 16.14 रुपये पर आ गया। इसकी वर्तमान बाजार पूँजी 506.8 करोड़ रुपये है।
इन कंपनियों ने भी दिया झटका
पैसा डुबवाने के मामले में चौथे नंबर पर अनिल अंबानी ग्रुप की ही रिलायंस इन्फ्रा रही, जिसका शेयर 91.9 फीसदी गिर कर 23.3 रुपये पर आ गया। इसकी मौजूदा मार्केट कैपिटल 612.8 करोड़ रुपये है। पाँचवे नंबर पर रही जैन इरिगेशन, जिसके मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल जैन हैं। 2019 में जैन इरिगेशन का शेयर 88.1 फीसदी लुढ़क कर 7.9 रुपये पर आ गया। इसकी बाजार पूँजी 391.9 करोड़ रुपये रह गयी।
इन कंपनियों ने दिया तगड़ा मुनाफा
निवेशकों की पूँजी में बढ़ोतरी करवाने के मामले में पहले पायदान पर मनप्पुरम फाइनेंस रही, जिसका शेयर 97 फीसदी चढ़ा। इसकी बाजार पूँजी 14,524 करोड़ रुपये है। इस सूची में 83 फीसदी रिटर्न के साथ दूसरे नंबर पर पीआई इंडस्ट्रीज (बाजार पूँजी 1,500.4 करोड़ रुपये), 77 फीसदी रिटर्न के साथ एबॉट इंडिया तीसरे (13,349.9 करोड़ रुपये), चौथे नंबर पर 70.4 फीसदी रिटर्न के साथ गुजरात गैस (बाजार पूँजी 15,726.5 करोड़ रुपये) और पांचवे नंबर पर 69.5 फीसदी रिटर्न के साथ रिलेक्सो फुटवियर्स (बाजार पूँजी 15,053 करोड़ रुपये) है।
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